Lockdown: हॉकी की जगह ओलंपियन ने थामी दरांती, मजदूर नहीं मिले तो खुद काटी फसल

महिला हॉकी खिलाड़ी ने काटी फसल
महिला हॉकी खिलाड़ी ने काटी फसल

ओलंपियन पूनम मलिक घरेलू काम में परिवार का हाथ बंटाने के साथ ही नियमित योग से अपनी फिटनेस (Fitness) मेंटेन कर रही हैं. साल 2020 में पूनम ने हरियाणा (Haryana) को नेशनल हॉकी का चैंपियन बनाया था.

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हिसार. हरियाणा के हिसार जिले की बेटी और ओलंपियन पूनम मलिक लॉकडाउन (Lockdown) में खेतों में गेहूं काट रही हैं. जब खेतों में काम के लिए मजदूर नहीं मिले तो पूनम मलिक (Poonam Malik) ने खुद ही दरांती उठा ली और खेतों में गेहूं की कटाई में जुट गई. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पूनम मलिक अब परिजनों की मदद कर रही हैं. पूनम हिसार के उमरा गांव की रहने वाली हैं, वो बतौर फॉरवर्ड प्लेयर भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी रही हैं. साल 2016 में रियो ओलंपिक में पूनम मलिक ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. अब वो आयकर विभाग में इंस्पेक्टर हैं, साथ ही हिसार में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रही हैं.

लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की किल्लत है, तो ऐसे में पूनम मलिक ने खुद ही दरांती उठा ली है. वो माता-पिता के साथ मिलकर फसलों की कटाई कर रही हैं. वो बताती हैं कि गेहूं की फसल की कटाई करना उनके जीवन का यादगार पल बन गया है. पूनम मलिक ने बताया कि पिता दलबीर सिंह किसान हैं. उन्होंने मेहनत और संघर्ष करना पिता से ही सीखा है.

पूनम ने बताया कि पिता किसान होकर संघर्ष करते रहे हैं. मां गृहिणी हैं तो उनके जीवन से भी बहुत सीख ली है. पूनम बताती है कि गांव उमरा में खेल के लिए अच्छी व्यवस्था है. घर के पास ही खेल का मैदान है तो उसे भी दूसरे बच्चों को देखकर खेलने का मन हुआ था, जिसके बाद छठी कक्षा में ही हॉकी थाम ली थी. पूनम ने अपने जीवन के सबसे यादगार पल को साझा करते हुए कहा कि जब वो 15 साल की थीं, तब भारतीय टीम में खेलने का मौका मिला था. यह समय उनके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और आसमान को छू लेने वाला था.



रियो ओलंपिक में खेलने का मौका मिला
साल 2016 में रियो ओलंपिक में खेलने का मौका मिला. पूनम ने बताया कि वो करीब 200 मैच खेल चुकी हैं. पूनम मलिक ने अपने गुरुजनों को अपनी कामयाबी का क्रेडिट देते हुए कहा कि हॉकी कोच जगजीत सिंह मलिक और कोच आजाद सिंह मलिक से खेल की बारीकियां सीखी. वर्तमान में आयकर विभाग में बतौर इंस्पेक्टर तैनात हूं. लॉकडाउन से पहले मैदान पर नियमित खेल अभ्यास करती थी, लेकिन अब बाहर नहीं खेल सकते तो ऐसे में मैंने अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान केंद्रित किया हुआ है.

हरियाणा को बनाया चैंपियन

पूनम घरेलू कार्य में परिवार का हाथ बंटाने के साथ ही मैं नियमित योग से अपनी फिटनेस बरकरार रखे हुए हैं. उन्होंने साल 2020 में पूनम ने हरियाणा को नेशनल हॉकी का सरताज बना दिया. पूनम की कप्तानी में केरल में खेली गई दसवीं सीनियर नेशनल महिला हॉकी चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की टीम को हराकर हरियाणा चैंपियन बना. हरियाणा इससे पहले साल 2013 में सात साल पहले हरियाणा चैंपियन बना था. यहीं नहीं अंडर-18 और अंडर 21 भारती टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं.

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