डॉक्टरों की लापरवाही से हुई नवजात बच्चे की मौत, परिजन धरने पर बैठे

ETV Haryana/HP
Updated: October 13, 2017, 3:30 PM IST
डॉक्टरों की लापरवाही से हुई नवजात बच्चे की मौत, परिजन धरने पर बैठे
धरने पर बैठे नवजात बच्चे के परिजन
ETV Haryana/HP
Updated: October 13, 2017, 3:30 PM IST
झज्जर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है. गुस्साये परिजन बच्चे के शव के साथ अस्पताल में एसएमओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे.

इतना ही नहीं परिजनों ने एसएमओ को उनके कार्यालय में घुसने से भी रोक दिया. बाद में सीएमओ और पुलिस ने मृतक बच्चे के परिजनों को आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया. तब जाकर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ.

दरअसल डावला गांव निवासी योगेश की पत्नी मनीषा ने 7 अक्तूबर को सामान्य अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था. लेकिन जन्म के बाद डाक्टरों ने बच्चे को इंफैक्शन होने की बात कही। जिसके बाद नवजात को एक दिन एसएनसीयू में भी रखा गया. लेकिन बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया.

नवजात बच्चे के परिजन बच्चे की तबियत खराब होने पर उसे दो बार अस्पताल लेकर आये, लेकिन डाक्टरों ने उन्हे एक दवाई की शीशी देकर वापस भेज दिया. सामान्य अस्पताल के डाक्टरों ने जब बच्चे का सही ढंग से इलाज नहीं किया, तो योगेश ने अपने बच्चे को एक नीजी अस्पताल में भी दिखाया. जिसके बाद वहां के डाक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक बताते हुए रोहतक रेफर कर दिया.

रोहतक ले जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया. परिजनों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि अगर सामान्य अस्पताल के डॉक्टर उन्हें बच्चे की गंभीर हालत के बारे में पहले बता देते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. वहीं इस मामले को पूरी गंभीरता से देखते हुए सामान्य अस्पताल के सीएमओ डाक्टर रमेश धनखड़ ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है. इसके लिए एक जाचं कमेटी का भी गठन कर दिया गया है. जो बच्चे की मौत के असली कारणों का पता लगायेगी.
First published: October 13, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर