हरियाणा के इस गांव के लोगों ने पंचायत कर लॉकडाउन के बहिष्कार का किया फैसला, आइसोलेशन वार्ड भी हटाया

पंचायत में लिए गए हैरान करने वाले फैसले

पंचायत में लिए गए हैरान करने वाले फैसले

Hisar News: पंचायत में फैसला लिया गया कि दुकानों को पूरा समय खुला रखा जाएगा और शोक सभा और शादी के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा.

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हिसार. कोरोना महामारी के बीच मसूदपुर गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को सरकारी लाॅकडाउन (Lockdown) का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया. ग्रामीणों ने पंचायत का आयोजन कर फैसला लिया कि गांव में पुलिस और डाॅक्टरों (Police and Doctors) को नहीं घुसने दिया जाएगा और पंचायत अपने स्तर पर नियम तय करके ग्रामीण खुद का लाॅकडाउन गांव में लगाएंगे. इसके बाद गांव में स्थापित आइसोलेशन वार्ड को भी हटा दिया गया. मामला सामने आते ही पुलिस-प्रशासन के हाथ पैर फूल गए, क्योंकि गांव में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है और ऐसे फैसले से स्थिति खतरनाक हो सकती है.

दरअसल, हिसार में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गांव के ज्यादातर ग्रामीणों में गुस्सा है. यहां की ज्यादातर आबादी किसान आन्दोलन के समर्थन में है. मंगलवार सुबह गांव में बड़ी पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समुदायों से लोगों को बुलाया गया. पंचायत में चर्चा करने के बाद निर्णय लिया गया कि सरकार द्वारा लागू लाॅकडाउन का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा.

कोरोना को लेकर निर्णय लिया गया कि आगामी 15 दिनों तक गांव में किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा और न ही कोई ग्रामीण गांव से बाहर जाएगा. इसके अलावा दुकानों को पूरा समय खुला रखा जाएगा और शोक सभा व शादी के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा. गांव में हुई इस घटना की सूचना जैसे ही प्रशासन को लगी तो अधिकारियों ने ग्राम पंचायत से संपर्क किया. पंचायत ने अपना फैसले वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है.

गांव में हो चुकी है 25 मौत
1 माह के अंदर गांव में करीब 25 लोगों की अलग-अलग बिमारियों से मौत हो चुकी हैं. इसके बावजूद ग्रामीणों का ऐसे रवैया हैरान करने वाला है. गांव के कुछ जागरूक युवाओं ने इस फैसले पर आपत्ति भी जताई है. कुछ युवाओं ने कहा कि ऐसे कदम से गांव की स्थिति बिगड़ सकती है.

बीडीपीओ की रिपोर्ट- पुलिस ने काटे चालान तो भड़के ग्रामीण

बीडीपीओ की रिपोर्ट के अनुसार, गांव में माहौल तनावग्रस्त है. रिपोर्ट में इसका कारण बताया गया कि पुलिस ने लाॅकडाउन उल्लंघन करने पर गांव में कुछ दुकानदारों व ग्रामीणों के चालान काट दिए, जिसके बाद लोग भड़क गए. बीडीपीओ की रिपोर्ट के अनुसार गांव में करीब 25-30 व्यक्ति विरोध करने के इरादे से बैठे हुए हैं. हालांकि, सरपंच प्रतिनिधि से जब प्रशासन ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि भड़के हुए ग्रामीणों को समझाया गया है और फिलहाल गांव में शांतिपूर्ण स्थिति है.



किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में लिया फैसला

सरकार पुलिस ने किसानों को पिटवा रही है और दूसरी तरफ कोरोना के नाम पर गांव में अभी एक पैसा नहीं खर्च किया गया है. ग्रामीणों ने पंचायत कर सर्वसम्मति से फैसला किया है कि वह कोरोना को लेकर लागू लाॅकडाउन का बहिष्कार करेंगे. इस स्थिति से गांव वाले खुद निपटेंगे. हम मानते हैं कि कोरोना बिमारी है और कई लोग गांव के मौत का शिकार हो चुके हैं. इस मामले में सुबह से अब तक किसी प्रशासनिक अधिकारी ने कोई संपर्क नहीं किया है

ग्रामीणों से बातचीत करेंगे

एसडीएम डाॅ जितेंद्र सिंह ने फोन पर बताया की इस मामले में ग्रामीणों से बातचीत की जाएगी. उन्हें समझाया जाएगा कि कोरोना महामारी के वक्त में ऐसे निर्णयों के बेहद खतरनाक परिणाम हो सकते हैं. सरकार व प्रशासन गांव की स्थिति को लेकर बिल्कुल गंभीर है और जरूरी संसाधन मुहैया करवाए जा रहे हैं. ग्राम पंचायत सदस्यों से इस बारे में चर्चा की जाएगी.

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