हरियाणा: फिल्मी सितारों, राजनेता और क्रिकेटर के खिलाफ दर्ज मुकदमों से बढ़ी पुलिस की टेंशन

इन केसों ने बढ़ाई पुलिस की टेंशन

Hisar News: अधिवक्ता व शिकायतकर्ता रजत कलसन का कहना है कि बड़े सेलिब्रिटी खुद को कानून से ऊपर समझते हैं और अपनी पहुंच का फायदा उठाते हैं.

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हिसार. देश के एक या दो नहीं बल्कि 4 सेलिब्रिटी के खिलाफ हांसी पुलिस में एफआइआर (FIR) दर्ज हैं. इन हस्तियों के खिलाफ जांच करने में जिला पुलिस (Police) के पसीने छूटे हुए हैं और वह फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है. पुलिस अधिकारी निष्पक्ष जांच के बेशक दावे करें, लेकिन इन मामलों में जांच की प्रगति देखकर जाहिर है कि पुलिस के लिए हाईप्रोफाइल मामलों में एक्शन लेना इतना आसान नहीं रहता.

हांसी पुलिस में राज ठाकरे, मुनमुन दत्ता, युविका चौधरी और युवराज सिंह के खिलाफ मुकदमें दर्ज हैं. इसके अलावा 2014 में स्वामी रामदेव के खिलाफ भी जातीय टिप्पणी करने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई गई थी, लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की थी और शिकायतकर्ता को कोर्ट का रुख करना पड़ा. स्वामी रामदेव के खिलाफ हिसार की स्पेशल एससी-एसटी कोर्ट में मामला विचाराधीन है. इस मामले में कोर्ट 31 अगस्त को अगली सुनावाई करेगी .

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तेजतर्रार सुप्रीमो राज ठाकरे के खिलाफ भी सितंबर 2012 में देशद्रोह व दो समुदायों के बीच सौहार्द खराब करने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया गया था. करीब 7 साल से अधिक समय बीत चुका है और पुलिस चार्जशीट पेश नहीं कर पाई है. इन सभी मामलों में शिकायतकर्ता एक्टिविस्ट व अधिवक्ता रजत कलसन है.

बाबा रामदेव के खिलाफ हिसार कोर्ट में मामले में बाबा रामदेव ने राहुल गांधी का नाम लेते हुए अनुसूचित जाति पर टिप्पणी की थी. पुलिस द्वारा शिकायत पर कार्रवाई ना करने पर हांसी सब डिविजनल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, कोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया था. इसके बाद याचिकाकर्ता रजत कलसन ने हिसार विशेष अदालत का रुख किया जहां रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई चल रही है.

युविका और मुनमुन दत्ता मामले में साइबर जांच जारी
युविका और मुनमुन दत्ता मामले में साइबर सेल जांच कर रही है. ऐसे मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है वीडियो की सत्यता को परखना. क्योंकि वीडियो को आरोपित डिलीट कर चुके होते हैं. साइबर सेल मुनमुन दत्ता व युविका के वीडियो की जांच में जुटी हुई है.

इन हस्तियों पर ये आरोप


राज ठाकरे - उत्तर भारतीयों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना
युवराज सिंह - इंस्टाग्राम वीडियो में जाति विशेष से संबंधित टिप्पणी करना
युविका चौधरी - यूट्यूब वीडियो में जाति विशेष से संबंधित टिप्पणी करना
बाबा रामदेव - राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए जाति विशेष का नाम लेना
मुनमुन दत्ता - वीडियो में एक विशेष जाति से संबंधित कटाक्ष करना
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हांसी पुलिस में जो मुकदमे दर्ज हैं उनमें पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है. युवराज सिंह जांच में शामिल हो चुके हैं और हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है. कुछ मामलों में साइबर सेल द्वारा संबंधित वीडियो की जांच की जा रही है.

रजत कलसन ने कहा खुद को कानून से ऊपर समझते हैं सेलिब्रिटी
पिछले सात सालों से पुलिस राज ठाकरे के खिलाफ दर्ज मामले में जांच पूरी नहीं कर पाई है. स्वामी रामदेव के खिलाफ भी शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. आखिरकार कोर्ट का रुख करना पड़ा. बड़े सेलिब्रिटी स्वयं को कानून से ऊपर समझते हैं और अपनी पहुंच का फायदा उठाते हैं.