Farmers Protest in Hisar: एक माह में केस वापस लेने पर बनी सहमति, घर लौटे किसान

किसानों और प्रशासन में हुई सहमति

किसानों और प्रशासन में हुई सहमति

Kisan Protest in Hisar: प्रशासन ने बातचीत के बाद किसान संगठनों की मांगें मान ली गई. किसान संगठनों ने मांगें पूरी होने पर खुशी व्यक्त की.

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हिसार. आखिरकार बातचीत से किसानों (Farmers) की समस्या का हल निकला और किसान वापस अपने घरों की ओर लौट गए. किसानों ने हिसार (Hisar) में भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की मगर प्रशासन शुरू से ही टकराव टालने की कोशिशों में लगा रहा. सुबह 10 बजे क्रांतिमान पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसान एकत्रित होना शुरू हुए. किसान नेताओं और प्रशासन ने बातचीत के प्रयास जारी रखे.  सरकार भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थी.

जब राकेश टिकैत, गुुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े नेता क्रांतिमान पहुंचे तो प्रशासन ने एसडीएम हिसार को भेजकर बातचीत का निमंत्रण दिया और आग्रह किया कि संयुक्त किसान मोर्चा एक कमेटी बनाकर प्रशासन से बातचीत कर सकता है. इसके बाद 26 सदस्यीय कमेटी बनाई गई. करीब ढाई घंटे तक चली बातचीत के बाद किसान संगठनों की मांगें मान ली गई. किसान संगठनों ने मांगें पूरी होने पर खुशी व्यक्त की.

किसानों की मांगें, प्रशासन का जवाब

किसान संगठन: 16 अप्रैल को हिसार में किसानों दर्ज सभी केस वापस होंगे.
प्रशासन: कानूनी राय लेकर एक माह में दर्ज सभी केस वापस लेंगे.

किसान संगठन: उगालन के किसान की जो हार्ट फेल हुई है परिवार के सक्षम व्यक्ति को नौकरी.

प्रशासन: डीसी रेट पर किसी एक सदस्य को नौकरी देंगे.



किसान संगठन: हिंसा के दौरान जो वाहन टूटे हैं उनको रिपेयर करवाकर दिया जाए.

प्रशासन: हम वाहन ठीक करवाकर देंगे. इसके अलावा प्रशासन ने किसानों पर लाठीचार्ज की घटना पर खेद भी प्रकट किया.

ये है मामला

बता दें कि 16 मई रविवार को हिसार में मुख्यमंत्री के आगमन पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच में झड़प हुई थी, जिसमे काफी किसान घायल हुए थे और पुलिस कर्मचारियों को भी चोटें आई थी. किसानों ने पुलिस बैरिकेड पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया था और पुलिस की तरफ से किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे और लाठीचार्ज भी किया गया था.

किसानों पर था पत्थरबाजी का आरोप

पुलिस ने किसानों पर पत्थरबाजी करने का भी आरोप लगाया था. इसके बाद किसान सभा के सदस्यों और आईजी हिसार आ राकेश कुमार के साथ एक समझौता बैठक हुई थी जिसमें निर्णय लिया गया था कि किसानों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जाएगा और ना ही किसानों की तरफ से पुलिस के खिलाफ कोई शिकायत दी जाएगी. इसके 3 दिन बाद पता लगा कि पुलिस ने लगभग 350 किसानों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है. इसी बात को लेकर किसानों में गुस्सा है और अखिल भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी  ने 24 मई सोमवार को हिसार में मंडल आयुक्त का घेराव करने का एलान किया था. इसी को लेकर  किसान आज  क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए थे.

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