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हरियाणा में मौसमः धूप खिलने से सर्दी से राहत, तापमान चढ़ा, फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

हरियाणा में मौसमः धूप खिलने से सर्दी से राहत, तापमान चढ़ा, फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

हरियाणा में अभी तक धूप लोगों को सर्दी से राहत दे रही है. लेकिन दो फरवरी को फिर से मौसम परिवर्तित हो सकता है.

हरियाणा में अभी तक धूप लोगों को सर्दी से राहत दे रही है. लेकिन दो फरवरी को फिर से मौसम परिवर्तित हो सकता है.

Weather in Haryana: हिसार में दिन का तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. जबकि रात्रि तापमान में गिरावट जारी है. हिसार में रात्रि तापमान सबसे कम 3.7 डिग्री सेल्सियस, नारनौल में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

हिसार. हरियाणा में अभी तक धूप लोगों को सर्दी से राहत दे रही है. लेकिन दो फरवरी को फिर से मौसम परिवर्तित हो सकता है. क्योंकि एक और पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा की तरफ सक्रिय होता दिखाई दे रहा है. हालांकि इसका प्रदेश पर आंशिक प्रभाव रहेगा. इससे आसमान पर बादलवाई छाई रहने की संभावना है. इसके साथ ही दिन के समय तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है.

मौसम वैज्ञानियों ने इसको लेकर सचेत किया है. अभी राज्य में अधिकांश स्थानों पर धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है. शुक्रवार को भी अच्छी धूप निकली जिससे सर्दी से लोगों को राहत मिली. चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने बताया कि राज्य में एक फरवरी तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है. अलसुबह हल्की धुंध छाये रहने व रात्रि तापमान में गिरावट होने की संभावना है, मगर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 2 फरवरी रात्री से मौसम में बदलाव संभावित है.

शुक्रवार को सर्वाधिक आठ घंटे सूर्य की मिली तपिश

पिछले चार दिनों से अच्छी धूप निकलने से लोगों को राहत मिली है. अभी तक शुक्रवार को सर्वाधिक आठ घंटे सूर्य देव ने दर्शन दिए. इस आधार पर सबसे अधिक तपिश लोगों को इसी दिन मिली. इससे हिसार में दिन का तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. जबकि रात्रि तापमान में गिरावट जारी है. हिसार में रात्रि तापमान सबसे कम 3.7 डिग्री सेल्सियस, नारनौल में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

क्या होता पश्चिमी विक्षोभ

पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यरेखा-क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली वह बाह्य- उष्ण कटिबंधीय आंधी है, जो सर्दी में भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तर भागों में अकस्मात मैदानी क्षेत्रों में बारिश तो पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी ले आती है. यह बारिश मानसून की बरसात से भिन्न होती है. यह ईरान-ईराक अफगानिस्तान होते हुए भारत में प्रवेश करते हैं. हर माह में पश्चिमी विक्षोभ तीन से चार आते हैं.

Tags: Bad weather, Haryana news, Weather Alert

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