• Home
  • »
  • News
  • »
  • haryana
  • »
  • हिसार: लापरवाही और सबूतों की कमी से ड्रग और कॉस्मेटिक केस में छूट गया कथित संत बाबा रामपाल

हिसार: लापरवाही और सबूतों की कमी से ड्रग और कॉस्मेटिक केस में छूट गया कथित संत बाबा रामपाल

हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम में हुए उपद्रव मामले से जुड़े ड्रग एवं कॉस्मेटिक केस में हिसार कोर्ट ने फैसला दे दिया है.

हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम में हुए उपद्रव मामले से जुड़े ड्रग एवं कॉस्मेटिक केस में हिसार कोर्ट ने फैसला दे दिया है.

Sant Rampal Case update: इस मामले में ड्रग कंट्रोलर टीम ने आश्रम से सील प्रतिबंधित दवाओं की सैम्पलिंग नहीं कराई और दीगर सबूतों को पेश नहीं कर सकी. रामपाल की गिरफ्तारी के वक्त हजारों अननुयायियों की पुलिस से झड़प हुई थी. इसको लेकर ही रामपाल उम्र कैद की सजा भुगत रहा है.

  • Share this:
हिसार. नवम्बर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में हुए उपद्रव मामले से जुड़े ड्रग एवं कॉस्मेटिक केस (Drug & Cosmetics Cases) में एडीजे वेद प्रकाश सिरोही की कोर्ट ने केस पर सुनवाई करते हुए सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल (Satlok Ashram Director Rampal) व अन्य चार आरोपियों को बरी (Accused Acquitted) कर दिया है.

इस मामले में आरोपी कथित संत रामपाल व राजेन्द्र फिलहाल कस्टडी में है. वहीं विजेंद्र व बलजीत जमानत पर थे. एक अन्य आरोपी ओमप्रकाश हुड्डा की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य विभाग के ड्रग अफसरों ने सतलोक आश्रम में जांच की थी. इस दौरान टीम को यहां से प्रतिबंधित दवाइयां मिली थी. इस मामले में रामपाल सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज किया था. ज्ञात रहे कि बरवाला के सत्तलोक आश्रम में पुलिस और आश्रम अनुयायियों के बीच हिंसक झड़प, आगजनी हुई थी, जिसमें आश्रम के पांच अनुयायी मारे गए थे. अनुयायियों की मौत मामले में आश्रम संचालक रामपाल को आजीवन कारावास की कैद हो चुकी है.

विभाग ने सतलोक आश्रम को रामपाल का बताया
एडवोकेट जेके गखड़ ने जानकारी देते हुए बताया की 134 एलोपैथिक दवाइयों के साथ आयुर्वेदिक दवाइयां विभाग को सतलोक आश्रम से प्राप्त हुई थी. इन्हें 23 दिसम्बर 2016 को सील किया गया, जबकि इनकी सैम्पलिंग नहीं करवाई गई. जिससे यह पता नहीं लग पाया कि इसके कंटेंट क्या है. विभाग ने सतलोक आश्रम को रामपाल का बताया, लेकिन कोई ऐसा दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, जिससे यह साबित होता है.

रामपाल व अन्य चार आरोपियों को बरी किया
वहीं ड्रग एक्ट में यह बताया जाता है की दवाइयां किसको दी गई या बेचीं गई है. लेकिन विभाग यह भी साबित नहीं कर पाया. वहीं जिस वक्त सतलोक आश्रम से विभाग ने दवाइयों को जब्त किया उस वक्त रामपाल पुलिस कस्टडी (Police Custody) में थे. उन्होंने कहा की इन तथ्यों को सुनने के बाद एडीजे वेद प्रकाश सिरोही की कोर्ट ने केस पर सुनवाई करते हुए सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल व अन्य चार आरोपियों को बरी कर दिया.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज