शिक्षा विभाग ने नहीं सुनी समस्या तो हाईकोर्ट पहुंचे छात्र

Virender Puri | ETV Haryana/HP
Updated: October 12, 2017, 7:05 PM IST
शिक्षा विभाग ने नहीं सुनी समस्या तो हाईकोर्ट पहुंचे छात्र
हाईकोर्ट में शिकायत देने वाले स्कूली छात्र
Virender Puri | ETV Haryana/HP
Updated: October 12, 2017, 7:05 PM IST
कैथल के गांव बालू के राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विधालय के 6ठी क्लास से 10वीं तक के सात छात्रों ने अपने हाथों से पत्र लिखकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूल की दयनीय स्थिति को अवगत करवाया जिसमे शिकायत की गई थी कि स्कूल की इमारत से पत्थर के टुकड़े गिरते हैं, पीने के पानी और शौचालय का भी समुचित इंतजाम न होने को लेकर अवगत करवाया था लेकिन स्थानीय  अधिकारियों ने कुछ नहीं किया तो छात्रों को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा.

इस मामले पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया हैं. कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 (ए) के तहत बच्चों को मुफ्त शिक्षा व अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार दिया गया है लेकिन स्कूल की टूटी हुई इमारत और शिक्षकों के न होने की स्थिति में यह मौलिक अधिकार किसी काम का नहीं है.

स्कूल की समस्याओं में सबसे पहला नम्बर स्कूल की इमारत का आता है जो 1974 में बनी थी जो आज जर्जर हो चुकी है. स्कूल की इसी जर्जर इमारत के नीचे ही बच्चे बैठते हैं. इमारत को कंडम भी घोषित क्र दिया गया है लेकिन फिर भीबच्चों को इसी के नीचे बैठने के लिए मजबूर है और किसी भी वक्त कोई भी हादसा हो सकता है.

वहीं स्कूल की खस्ता इमारत में ही बच्चो की कंप्यूटर लैब से लेकर एजुसेट बनी हुई है लेकिन लाइट न आने के कारण न तो कंप्यूटर चलते है और न बच्चो को कोई  शिक्षा मुहैया हो रही है और न स्कूल में रखा जरनेटर काम कर रहा है. न ही स्कूल के पंखे चलते है और न ही  पिने के पानी का कोई विशेष प्रबंध है. पीने के पानी के लिए स्कूल में सिर्फ एक नल है जिसपर स्कूल के लगभग 500 बच्चे पानी पीते हैं.

जब बच्चो से हाईकोर्ट जाने की प्रेरणा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दिल्ली में पटाखो की रोक पर एक बच्चे द्वारा लगाई गई याचिका का हवाला दिया और कहा की अगर उस मामले में सरकार संज्ञान ले सकती है तो इसमें क्यों नहीं.

वहीं गांव के छोटे-छोटे बच्चो की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से  स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या पर जवाब मांगा है इसके साथ ही कोर्ट ने कैथल के जिला शिक्षा अधिकारी व बालू स्कूल के प्रिंसिपल को भी नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा हैं.
First published: October 12, 2017
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