डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के खिलाफ पोस्ट शेयर करना पड़ा महंगा, तहसीलदार के ड्राइवर की गई नौकरी

दुष्यंत चौटाला (फाइल फोटो) के कोरोना संक्रमित होने को लेकर एक पोस्ट शेयर की थी ड्राइवर ने.

दुष्यंत चौटाला (फाइल फोटो) के कोरोना संक्रमित होने को लेकर एक पोस्ट शेयर की थी ड्राइवर ने.

एसडीएम कार्यालय की तरफ से पन्नालाल को नोटिस देकर जवाब मांगने के बजाए सीधे कार्रवाई कर दी गई. पन्नालाल का कहना है कि उसकी फेसबुक से किसने पोस्ट की यह उसे नहीं पता है.

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  • Last Updated: December 19, 2020, 5:46 PM IST
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हांसी. सोशल मीडिया पर प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व जेजेपी के खिलाफ पोस्ट करने पर हांसी तहसीलदार के ड्राइवर को बर्खास्त कर दिया गया है. एसडीएम की तरफ से यह कार्रवाई की गई है. वहीं, सेवामुक्त किए गए ड्राइवर पन्नालाल ने कहा है कि उसकी फेसबुक आइडी हैक हो गई थी. मामला सामने आते ही विपक्ष ने प्रदेश सरकार के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक हांसी तहसील में पन्नालाल आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत ड्राइवर के पद पर कार्यरत था. एसडीएम के पास किसी ने मोबाइल पर पन्नालाल के फेसबुक पोस्ट की स्क्रीनशॉट भेज दी. सूत्रों के मुताबिक एसडीएम कार्यालय की तरफ से पन्नालाल को नोटिस देकर जवाब मांगने के बजाए सीधे कार्रवाई कर दी गई. पन्नालाल का कहना है कि उसकी फेसबुक से किसने पोस्ट की यह उसे नहीं पता है, जबकि वह हमेशा सरकारी आदेशों को पालन करता रहा है.

ये था गुनाह

पन्नालाल फेसबुक पर सोनू बूरा के नाम से आईडी चलाता है. सूत्रों के मुताबिक ड्राइवर पन्नालाल ने दुष्यंत चौटाला के कोरोना पॉजिटिव होने से संबंधित एक पोस्ट शेयर की थी. इसके अलावा जेजेपी-इनोलो के सत्ता में आने के बाद किसानों पर लाठीचार्ज किए जाने से संबंधित पोस्ट भी सोशल मीडिया पर की थी. हालांकि पन्नालाल का स्पष्ट कहना है कि ये पोस्ट उसके द्वारा नहीं की गई हैं व कुछ समय उसकी आईडी हैक थी.
विपक्ष ने बोला हमला

युवा कांग्रेस के जिला प्रधान आनंद जाखड़ ने कहा कि सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है और जनता की अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का काम कर रही है. उन्होंने सरकार के इस कदम की निंदा करते हुए ड्राइवर को बर्खास्त करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की है. वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता मनोज राठी ने कहा कि सोशल मीडिया प्रत्येक नागरिक की अभिव्यक्ति का जरिया है और इस प्रकार से सरकार नागरिकों को डराने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की निजी जिंदगी भी होती है और उसे अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है.
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