Haryana weather updates: गुरुग्राम, हिसार-नारनौल में बरस रही आग, तापमान 43.7 डिग्री

हरियाणा के ये शहर सबसे गर्म, शुक्रवार रात्रि से मौसम में होगा बदलाव, बारिश की संभावना (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Haryana weather Updates: हरियाणा में गुरुग्राम, हिसार और नारनौल में दिन का तापमान गुरुवार को सर्वाधिक दर्ज किया गया है. खास बात है कि यहां गुरुग्राम में सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान है. गुरुग्राम में दिन का तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं नारनौल में सामान्य से छह डिग्री बढ़कर 43.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ.

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हिसार. हरियाणा (Haryana) में गुरुग्राम (Gurugram) , हिसार और नारनौल में दिन का तापमान (Temperature) गुरुवार को सर्वाधिक दर्ज किया गया है. खास बात है कि यहां गुरुग्राम में सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान है. गुरुग्राम में दिन का तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं नारनौल में सामान्य से छह डिग्री बढ़कर 43.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं हिसार में सामान्य से चार डिग्री बढ़कर 42.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. हालात ऐसे हैं कि रात्रि का तापमान भी काफी बढ़त के साथ चल रहा है.

हालात यह हैं कि हिसार में रात्रि तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़कर 31.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. आने वाले दिनों में बारिश ही दिन और रात की गर्मी को कम करने का काम कर सकेगी. मौजूदा समय में मानसून की टर्फ रेखा नीचे आने की संभावना को देखते हुए हरियाणा में 9 जुलाई देर रात्रि से मौसम में बदलाव संभावित है. 10 जुलाई से मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है, जिससे राज्य में 10 जुलाई से 14 जुलाई के बीच हवा और गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश होने का अनुमान है.

मानसून की टर्फ रेखा हिमालय की तरफ

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने बताया कि मानसून की उत्तरी सीमा 19 जून से बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अम्बाला, अमृतसर पर ही टिकी हुई है. मानसून टर्फ रेखा हिमालय की तलहटियों की तरफ बनी हुई है. यह टर्फ रेखा हिमालय की तलहटियों से 9 जुलाई से दक्षिण की ओर नीचे आने तथा बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाब का क्षेत्र बनने से मानसून के सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां बनेंगीं.
किसान इन बातों का रखें ध्यान

किसानों को कुछ छोटे-छोटे उपाय करने की आवश्यकता है. इसमें खरीफ फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों में यदि आवश्यक हो तभी सिंचाई करें. अगले तीन दिनों में यदि पानी उपलब्ध हो तो धान की पौध की रोपाई सुबह व सांय ही करें तथा बारिश आने पर पौध की रोपाई जारी रखें. नरमा कपास व अन्य फसलों में स्प्रे करते समय बदलते मौसम का ध्यान अवश्य रखें. वहीं ग्वार बाजरा आदि फसलों की बिजाई के लिए उत्तम किस्मों के प्रमाणित बीजों का प्रबंध करें तथा खेतों को तैयार करें ताकि अच्छी बारिश होने पर बिजाई की जा सके.

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