Haryana Weather Update: अगले 4 दिन बारिश होने की संभावना, किसान भाई इस बात का रखें ध्यान
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Haryana Weather Update: अगले 4 दिन बारिश होने की संभावना, किसान भाई इस बात का रखें ध्यान
हरियाणा के इन जिलों में अभी तक काफी कम बारिश हुई है.

कम बारिश (Rain) होने से हरियाणा (Haryana) के 11 जिलों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने किसानों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

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  • Last Updated: September 2, 2020, 8:40 AM IST
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हिसार. हरियाणा में आने वाले 24 घंटों में एक बार फिर से मौसम (Weather) में बदलाव होने की समंभावना है. चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 2 सिंतबर से 5 सिंतबर तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश (Rain) हो सकती है. ऐसे में किसानों को सलाह दी मौसम को ध्यान में रखते हुए फसलों में कीटनाशक का छिड़काव और सिंचाई करें.

बता दें कि प्रदेश में इस बार मानसून की असामान्य बारिश देखने को मिली है, जिसके कारण किसानों को काफी निराशा हुई है. एचएयू के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदनलाल खीचड़ ने बताया कि 26 जून को मानसून ने हरियाणा में दस्तक दी थी. लेकिन, इस बार मानसून में उम्मीद से कम बारिश हुई है.

फसलों को हुआ काफी नुकसान



हरियाणा के पश्चिमी क्षेत्र में कम बारिश होने से 11 जिलों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. असामान्य बारिश के कारण हिसार, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी, फतेहाबाद में कपास की फसल में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं. इन जिलों में कपास की फसलों में सफेद मक्‍खी का प्रकोप बढ़ा है.
किसानों को दी ये सलाह

किसानों को सलाह देते हुए मौसम विभागाध्यक्ष डॉ मदनलाल खीचड़ ने बताया कि आने वाले 4—5 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में हल्की बारिश की उम्मीद है. ऐसे में किसान भाई फसलों में कीटनाशक का छिड़काव करते समय मौसम का ध्यान रखें. सब्जियों व धान में अवश्यकता के अनुसार सिचांई करें. वहीं, कपास की फसल में सफेद मक्खी का प्रकोप होने पर तुरंत कृषि वैज्ञानिकों से सम्पर्क कर कीटनाशक का छिड़काव करें.

सितंबर तक ठहर सकता है मानसून

बता दें कि हरियाणा के कई जिलों में 10 सितंबर तक कई बार बारिश हो सकती है. अभी हवा का स्वरूप भी नहीं बदला है. ऐसे में मानसून सितंबर अंत तक ठहर सकता है. सितंबर अंत तक बारिश होती है तो अक्टूबर-नवंबर में बोई जाने वाली रबी फसलों का जमाव अच्छा होगा और उत्पादन भी अच्छा होगा.
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