बदल रहा है मौसम, अपनी सेहत और बेहतर उपज के लिए इन बातों का ध्यान रखें किसान

मौसम में बदलाव हो रहा है. बेहतर उपज पाने के लिए किसानों को कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मौसम में बदलाव हो रहा है. बेहतर उपज पाने के लिए किसानों को कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मौसम विभाग की मानें तो अभी तापमान में और गिरावट होने की संभावना प्रबल है. इसमें अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. हिसार की रात हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के बराबर ठंडी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2020, 11:37 PM IST
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हिसार. हिसार में ठंड अभी से असर दिखाने लगी है. आलम यह है कि यह पहाड़ों के बराबर ठंड का लोगों को अहसास करा रही है. आप इस मौसम में अपना ध्यान रखना शुरू कर दें क्योंकि गिरता तापमान सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है. तापमान पर गौर करें तो हिसार में अक्टूबर महीने का सबसे कम रात्रि तापमान शनिवार को दर्ज किया गया. यहां न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. जो सामान्य से पांच डिग्री कम रहा. मौसम में बदलाव को देखते हुए कई लोगों ने कूलर, एसी तक बंद कर दिए हैं. मौसम विभाग की मानें तो अभी तापमान में और गिरावट होने की संभावना प्रबल है. इसमें अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. हिसार की रात हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के बराबर ठंडी है. धर्मशाला में रात्रि तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है.

किसान इन बातों का रखें ख्याल

सरसों की बिजाई उन्नत किस्मों आरएच 725, आरएच 749, आरएच 30 , आर एच 406 आदि के प्रमाणित बीजों से जल्दी पूरी करे. बिजाई से पहले 2 ग्राम कारबेन्डाजिम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से अवश्य उपचारित करें.



देसी चने की बिजाई के लिए खेत को अच्छी प्रकार से तैयार करे और उन्नत किस्मों के साथ बिजाई शुरू करे. देसी चने की उन्नत किस्में बारानी व सिंचित क्षेत्रों के लिए एचसी 1 और एचसी 3 (मोटे दाने वाली किस्म) व एचसी 5 हैं. बिजाई से पहले बीज का राइजोबियम के टीके से उपचार करें.
अन्य बीज उपचार : जड़ गलन बीमारी से बचाने के लिए 2.5 ग्रा. बाविस्टीन प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करे. उखेड़ा रोग से बचाव के लिए बिजाई से पूर्व बीज का उपचार जैविक फफूंदीनाशक ट्राईकोडरमा विरिडी (बायोडरमा) 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज विटावैक्स 1 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से करें. यह प्रक्रिया राईजोबियम से उपचारित करने से पहले कर लें.

गेहूं की बिजाई के लिए अगेती बिजाई वाली उन्नत किस्मों के बीजों का प्रबंध करें व खाली खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार करें ताकि तापमान अनुकूल होने पर अगेती बिजाई शुरू की जा सके. अगेती बिजाई के लिए यदि अच्छा पानी उपलब्ध हो तो डब्लू एच 1105, एच डी 2967, एचडी 3086 व डब्लू एच 711 किस्मों के बीज का प्रयोग करे. यदि कम पानी उपलब्ध हो तो अगेती बिजाई के लिए सी 306, डब्लू एच 1080 , डबलू एच 1142 किस्मों का प्रयोग किया जा सकता है.



मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना देखते हुए सब्जियों व फलदार पौधों और हरे चारे की फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें.

नरमा कपास की चुनाई सूर्य निकलने के बाद शुरू करें ताकि सुबह ओस के कारण उत्पादन की क्वालिटी पर प्रभाव न पड़े. धान की कटाई व कढ़ाई करने के उपरांत पराली को भूमि में दबाएं व उर्वरा शक्ति बढ़ाएं व आगामी फसल का अधिक उत्पादन प्राप्त करें.

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 29 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील है. मगर मौसम खुश्क रहने की संभावना बनी हुई है. क्षेत्र में कहीं-कहीं 25 अक्टूबर रात्रि व 26 अक्टूबर को आंशिक बादलवाई संभावित है. इस दौरान बीच-बीच में हवा चलने से तापमान में हल्की गिरावट संभावित है.
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