4 साल पहले दिए विवादित बयान पर फंसे रामदेव, अब हिसार कोर्ट ने किया तलब
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4 साल पहले दिए विवादित बयान पर फंसे रामदेव, अब हिसार कोर्ट ने किया तलब
बाबा रामदेव फाइल फोटो

हिसार में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार जैन की अदालत ने रामदेव को अदालत में पेश होकर पक्ष रखने का नोटिस जारी किया है.

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2014 में लखनऊ में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबा रामदेव द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों पर की गई टिप्पणी के मामले में उनके ऊपर मुसीबत के बादल छा गए हैं. हिसार की अदालत ने 22 अक्टूबर को रामदेव को तलब किया है. योग गुरु बाबा रामदेव ने राहुल गांधी के ऊपर प्रेस वार्ता में टिप्पणी की थी.

हिसार में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार जैन की अदालत ने रामदेव को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी किया है. 26 अप्रैल 2014 के इस मामले की अधिवक्ता रजत कल्सन ने कोर्ट में अर्जी दी थी.

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बता दें, हांसी की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में शिकायत दर्ज करवाने के बाद उस वक्त निचली अदालत ने इस शिकायत को खारिज कर दिया था. लेकिन कल्सन ने निचली अदालत के फैसले पर रिवीजन की अपील की, जिस पर रामदेव को नोटिस जारी हुआ है.
रामदेव ने दिया था ये बयान
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाबा रामदेव ने राहुल गांधी के बारे में कहा, "देखो भाई, मोदी और बाबा रामदेव मजबूरी में फकीर नहीं बने, राहुल गांधी की तरह. बेचारे की किस्मत ही खराब है कि उसे कोई लड़की ही नहीं मिल रही. उसकी मम्मी कहती है कि मेरा मुन्ना तूने विदेशी लड़की से ब्याह करवा लिया तो तू प्रधानमंत्री नहीं बनेगा. देसी से वो करवाना नहीं चाहता, मम्मी चाहती है कि पहले वो प्रधानमंत्री बन जाए फिर विदेशी लड़की को लाए. राहुल गांधी तो हनीमून औऱ पिकनिक करने के लिए  ........ घर जाता है." इस आखिरी लाइन पर ही शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई थी.
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