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हिसार: बंदियों को ऑनलाइन मिलेगी पैरोल से जुड़ी हर जानकारी, सिस्टम का ट्रायल शुरू

हिसार: बंदियों को ऑनलाइन मिलेगी पैरोल से जुड़ी हर जानकारी, सिस्टम का ट्रायल शुरू

जेल आधिकारियों व अन्य के साथ मीटिंग लेतीं हिसार की डीसी प्रियंका सोनी.

जेल आधिकारियों व अन्य के साथ मीटिंग लेतीं हिसार की डीसी प्रियंका सोनी.

हिसार (Hisar) में कैदियों को पेरोल देने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए ई-पैरोल (E- parole) प्रोसेसिंग सिस्टम डैशबोर्ड शुरू किया गया है. इस व्यवस्था के तहत बंदियों (Prisoner) के परिजनों को पैरोल के आवेदन के स्टेट्स की पल-पल की जानकारी मिल सकेगी.

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  • News18Hindi
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हिसार. हिसार (Hisar) में बंदियों को पेरोल देने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए ई-पैरोल (E- parole) प्रोसेसिंग सिस्टम डैशबोर्ड शुरू किया गया है. फिलहाल बंदियों (Prisoner) को पेरोल देने की प्रक्रिया का ऑनलाइन ट्रायल किया जाएगा. इस डैशबोर्ड से बंदियों के परिजनों को पैरोल के आवेदन के स्टेट्स की पल-पल की जानकारी मिल सकेगी. पैरोल देने की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी निर्धारित समय सीमा में अनुमति देने के लिए बाध्य होंगे. ई-पैरोल प्रोसेसिंग सिस्टम के माध्यम से प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ आवेदक को भी मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी.

उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल में आज हिसार और हांसी के पुलिस अधीक्षकों और जेल अधीक्षकों सहित संंबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ ई-पैरोल प्रोसेसिग सिस्टम सॉफ्टवेयर पर विस्तृत चर्चा की. उपायुक्त ने कहा कि हिसार जिले से यह पायलट प्रोजेक्ट ट्रायल आधार पर शुरू किया जा रहा है. ऐसा प्रोजेक्ट उन्होंने जिला कैथल में उपायुक्त रहते हुए भी शुरू करवाया था, जो सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है.

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उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत किसी भी कैदी की पैरोल के लिए आवेदन प्राप्त होने से लेकर पैरोल स्वीकृत या अस्वीकृत होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी. ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत सभी संबंधित अधिकारियों के डैशबोर्ड बनाए गए हैं. ऑनलाइन के अलावा ट्रायल के दौरान ऑफलाइन प्रक्रिया भी जारी रहेगी. यह सॉफ्टवेयर एनआईसी द्वारा विकसित किया गया है. उपायुक्त ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर पैरोल प्रक्रिया को आसान बनाने में मददगार साबित होगा. इस सॉफ्टवेयर में पैरोल से संबंधित कैदी की पूर्ण जानकारी होगी, जिसमें कैदी संख्या, नाम, पिता का नाम, पता, पूर्व में ली गई पैरोल, पैरोल के उपरांत सरेंडर आदि से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज होगी.



एनआईसी के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक एमपी कुलश्रेष्ठ ने ई-पैरोल प्रोसेसिंग सिस्टम के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया. उन्होंने बताया कि अगले चरण में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इस अवसर पर हिसार पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया, हांसी पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र, जेल अधीक्षक दीपक शर्मा, डीआईओ एमपी कुलश्रेष्ठ, अतिरिक्त डीआईओ अखिलेश कुमार, सहायक जेल अधीक्षक प्रदीप कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे.

Tags: Central Jail, Haryana news, Hisar news

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