Kisan Aandolan: केंद्र के बाद किसानों के निशाने पर अब पंजाब की कैप्टन सरकार, CM के निवास के बाहर देंगे धरना

कैप्टन सरकार के अधूरे वायदों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन 3 दिन का धरना देने जा रही है.

कैप्टन सरकार के अधूरे वायदों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन 3 दिन का धरना देने जा रही है.

Kisan Aandolan: किसानों ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं. कोरोना के बचाव के अधूरे इंतजाम को लेकर किसान यूनियन पंजाब के सीएम आवास के बाहर देंगे धरना.

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झज्जर. केंद्र की बीजेपी सरकार के बाद अब किसानों के निशाने पर पंजाब की कैप्टन सरकार (Captain Government) भी आ गई है. कोरोना के बचाव के अधूरे इंतजाम और कैप्टन सरकार के अधूरे वायदों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन 3 दिन का धरना देने जा रही है. आज से पटियाला में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निवास के बाहर हजारों की संख्या में किसान धरना देंगे. सरकार पर विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे पूरे करने का दबाव बनाएंगे.

भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्रहां) के प्रधान जोगिंदर सिंह का कहना है कि कैप्टन सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए जो करना चाहिए था और खेती कानूनों को किसानों को राहत दिलाने के लिए जो कदम उठाने चाहिए थे वह नहीं उठाए. पंजाब में गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं है. कोरोना से बचाव के लिए पंजाब सरकार ने कोई तैयारी नहीं की. गांव और शहरों में लोगों की मौत हो रही है. अस्पतालों में ना तो दवाइयां हैं और ना ही पर्याप्त स्टाफ है.

जोगेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार का फोकस सिर्फ लॉकडाउन लगाने पर हैं. जबकि कोरोना से बचाव के लिए अस्पतालों में स्टाफ और दवाइयों का इंतजाम करने में सरकार पूरी तरह से फेल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि पंजाब में टोल प्लाजा और भाजपा नेताओं के घरों के बाहर किसानों के धरने लगातार चल रहे हैं और अब 2000 किसान कल से मुख्यमंत्री कैप्टन के निवास के बाहर धरना देंगे. इस धरने में कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों का पालन किया जाएगा.

पंजाब सरकार के मिशन फतेह पर निशाना साधते हुए जोगिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं. जबकि ऑक्सीजन दवाइयों और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करने में दोनों सरकारें पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है. उन्होंने कहा कि पंजाब के गांव में सरकारी तौर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं है.
कैप्टन सरकार के मेनिफेस्टो पर सवाल उठाते हुए जोगिंदर सिंह ने कहा कि जो सरकार कहती है कि वह अपने 85 फ़ीसद वायदे पूरे कर चुकी है, वह बताएं... कि क्या किसानों का कर्ज माफ किया है, क्या किसानों को फसल के उचित दाम मिल रहे हैं, क्या हर घर से एक युवा को रोजगार दे पाई है कैप्टन सरकार, अगर नहीं, तो सरकार ने कौन सा वादा पूरा किया है.

उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस हो या फिर भाजपा किसानों को अपने हकों की आवाज खुद बुलंद करनी होगी. किसानों को अपने हकों की लड़ाई के लिए स्वयं ही संघर्ष करना होगा. किसान हमेशा अपना हक हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहेंगे.

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