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देश का सबसे बड़ा कैंसर उपचार संस्थान बनकर तैयार, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

करीब 60 एकड़ में बनाए गए राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में हर साल करीब 5 लाख मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है.

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देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान झज्जर में बन कर तैयार हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र से इसका विधिवत उद्घाटन किया. एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी इस दौरान मौजूद रहे. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बाढ़सा में 300 एकड़ भूमि में फैले राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान पार्ट-2 के एक हिस्से में बनाया गया है. करीब 60 एकड़ में बनाए गए राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में हर साल करीब 5 लाख मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है.

तीन चरणों में हो रहा निर्माण

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का निर्माण 3 चरणों में हो रहा है. पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है. पहले चरण के काम के बाद 250 मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई है. फिलहाल रोज ओपीडी में करीब 80 से 100 मरीज आ रहे हैं.  इन्हें डॉक्टरों के परामर्श के साथ रेडियो थेरेपी, कीमो थेरेपी और लैब की आधुनिक सुविधाएं दी जा रही है. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में डॉक्टरों के अलावा टेक्निकल और नॉन टेक्निकल स्टाफ भी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात है.



अत्याधुनिक तकनीनी मशीनें उपलब्ध
बाढ़सा के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में अब तक सबसे अत्याधुनिक तकनीकी मशीनें उपलब्ध करवाई गई है. यहां के लैब में हर रोज 60 हजार सैंपल की जांच की जा सकती है. 25 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं. आधुनिक बेड की सुविधा भी दी गई है. इसका दूसरा चरण दिसंबर 2019 तक पूरा किया जाना है जिसके पूरा होने के बाद बेड की संख्या बढ़कर 500 हो जाएगी. दिसंबर 2020 तक पूरा होने के बाद 710 मरीजों के लिए बेड उपलब्ध हो जाएंगे. यह संस्थान प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के इलाके बादली गांव में बनाया गया है.

प्रोटॉन थेरेपी से भी किया जाएगा कैंसर मरीजों का इलाज

बाढ़सा के विश्व स्तरीय अत्याधुनिक राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में प्रोटॉन थेरेपी से भी कैंसर के मरीजों का इलाज किया जाएगा. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि आने वाले 2 साल के अंदर-अंदर यहां पर प्रोटोन थेरेपी की मशीन लगकर मरीजों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगा. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी किया जाएगा. इसके अलावा लगभग 100 तरह के कैंसर का इलाज यहां पर किए जाने हैं.
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