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हरियाणा: जींद विधानसभा उपचुनाव पर इतना जोर क्‍यों दे रही है कांग्रेस

Anurag Dhanda | News18Hindi
Updated: January 10, 2019, 6:34 PM IST
हरियाणा: जींद विधानसभा उपचुनाव पर इतना जोर क्‍यों दे रही है कांग्रेस
रणदीप सुरजेवाला

दिग्गज पार्टी नेता जींद विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर रणदीप सुरजेवाला का नाम आगे कर चुके हैं. जींद में जीत से पार्टी नेताओं में सुरजेवाला को लेकर सहमति के तौर पर देखा जाएगा और हरियाणा में कांग्रेस को नया चेहरा मिल जाएगा.

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  • Last Updated: January 10, 2019, 6:34 PM IST
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कांग्रेस ने जींद विधानसभा उपचुनाव के लिए रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार घोषित कर सबको चौंका दिया है. सुरजेवाला फिलहाल दिल्ली में कांग्रेस के मीडिया विभाग के चीफ हैं और राहुल गांधी के खास रणनीतिकारों में से समझे जाते हैं. दिग्गज पार्टी नेता जींद विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर रणदीप सुरजेवाला का नाम आगे कर चुके हैं. जींद में जीत की सूरत में इसे भी पार्टी के नेताओं में रणदीप सुरजेवाला को लेकर सहमति के तौर पर देखा जाएगा और हरियाणा में कांग्रेस को नया चेहरा मिल जाएगा.

इसलिए सिर्फ 6 महीने बाकी रहते विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्हें भेजा जाना बहुत से लोगों को समझ नहीं आ रहा वह भी तब जब रणदीप सुरजेवाला पहले से ही कैथल से विधायक हैं. कांग्रेस सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष के सीधे दखल से यह फैसला लिया गया है और हरियाणा की राजनीति में इसके बड़े राजनैतिक मायने हैं.

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस हाईकमान इस चुनाव के जरिए जींद का विधायक नहीं बल्कि हरियाणा का सीएम तलाश रही है. लंबे समय से हरियाणा कांग्रेस दो धड़ों में बंटी है. एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और दूसरी तरफ हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर. पार्टी की मुसीबत यह है कि अगर हुड्डा का चेहरा आगे करे तो नॉन जाट वोट बीजेपी की तरफ झुक जाएंगे और अगर अशोक तंवर के चेहरे पर दांव खेला तो जाट नाराज़ हो जाएंगे. इसलिए पार्टी को ऐसे चेहरे की तलाश है जो जाट और नॉन जाट दोनों वोट बैंक को साध सके. अपनी सॉफ्ट छवि के चलते रणदीप सुरजेवाला इस रोल में फिट बैठते हैं.

अंदर की कहानी

पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जींद की सीट पर उम्मीदवार तय करने के लिए पूरा घमासान हुआ है. बुधवार को दिनभर हरियाणा के तमाम नेता माथापच्ची करते रहे. चूंकि इस चुनाव को हरियाणा के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है, इसलिए कांग्रेस की हार का मतलब हरियाणा की लड़ाई में पिछड़ जाना होगा. मुश्किल परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी के दिग्गज एक-एक करके इस चुनौती से पीछे हट गए. शाम होते होते इन सब दिग्गजों ने सुरजेवाला के नाम की सिफारिश कर दी. फैसला राहुल गांधी को करना था. माना जा रहा है कि ये अजीबोगरीब फैसला सीएम के चेहरे का ट्रायल है.

जींद में कांग्रेस के लिए जीत-हार के मायने
जींद सीट पर करीब 40 फीसदी जाट वोटर हैं जिनके बिना इस सीट को जीतना मुमकिन नहीं है, लेकिन चौटाला परिवार से दिग्विजय सिंह के मैदान में उतरने से जाट वोट का बंटना तय है इसलिए अब इस सीट का फैसला नॉन जाट वोट से होना है. ऐसे में यदि रणदीप सुरजेवाला जीतते हैं तो ये मान लिया जाएगा कि वो नॉन जाट वोटरों में भी लोकप्रिय हैं. कांग्रेस जींद सीट पर 2014 के विधानसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर थी. जीत का मतलब हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस का मुख्य मुकाबले में लौटना भी होगा.ये भी पढ़ें:-

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First published: January 10, 2019, 3:56 PM IST
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