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अगर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहींं हुई तो करेंगे आत्महत्या : किसान

Vijender Kumar | News18 Haryana
Updated: December 11, 2018, 4:35 PM IST
अगर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहींं हुई तो करेंगे आत्महत्या : किसान
उपायुक्त से मिलने पहुंचे किसान

किसानों ने कहा कि गिरदावरी के दौरान प्रशासनिक अमले ने चहेतों को फसल का मुआवजा दिला दिया. जिसके चलते उन किसानों को फसल का मुआवजा नहीं मिल पाया, जिनकी फसल बारिश के कारण खराब हो गई थी.

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सिस्टम से लड़ते-लड़ते किसानों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया.  बात यहां तक पहुंच गई कि किसानों ने आत्महत्या की चेतावनी दे डाली. मामला जींद का है जहां, साल 2017 में बारिश के कारण ग्रामीणों की खरीफ की फसल खराब हो गई थी, लेकिन किसान आरोप लगा  रहे है कि गलत तरीके से गिरदावरी कर पीडि़त किसानों को मुआवजे से महरूम रखा गया है.

किसानों ने कहा कि गिरदावरी के दौरान प्रशासनिक अमले ने चहेतों को फसल का मुआवजा दिला दिया. जिसके चलते उन किसानों को फसल का मुआवजा नहीं मिल पाया, जिनकी फसल बारिश के कारण खराब हो गई थी. इसी  मामले  में  पीडि़त किसानों को मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर जींद के करेला गांव के किसान सोमवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे.

इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले छह महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन  कोई करवाई  नहीं हुई  जिस कारण किसानों ने सीएम से इस मामले में जांच की मांग को लेकर गुहार लगई. सीएम ने किसानों को डीसी से मिलकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. जिसके बाद करेला गांव के किसान सोमवार को डीसी से मिलने कार्यालय पहुंचे, लेकन डीसी को कार्यालय में नहीं पाकर ग्रामीणों ने रोष में आकर आत्महत्या करने की बात कही.

किसानों का कहना है कि पिछले एक साल से फसल मुआवजे की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं. 2017 में बारिश के कारण खरीब की फसल खराब हो गई थी. पटवारी, कानूनगो व नंबरदार ने अपने चहेतों को फसल मुआवजे के रुपये दिलवा दिए. उन किसानों को फसल मुआवजे के रुपये दिए गए हैं जिन्होंने मुआवजे के नाम पर इनको रुपये दिए. ऐसे में उन किसानों को मुअवाजा मिल गया जिनके खेत खराब भी नहीं हुई थी, जबकि वह किसान मुआवजे से वंचित रह गए जिनकी फसल खराब हो गई थी.

वह इस मामले में इन अधिकारियों के खिलाफ सीएम से भी मिल चुके हैं. सीएम ने डीसी से मिलकर उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला. जब डीसी से मिलने लोग आए तो डीसी कार्यालय में मौजूद नहीं था. इससे साबित होता है कि डीसी भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता. अगर जल्द ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आत्महत्या करने को मजबूर होंगे.

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First published: December 11, 2018, 4:35 PM IST
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