शादी से पहले छिपाई HIV Positive होने की बात, पत्नी भी हुई संक्रमित, अब FIR दर्ज
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शादी से पहले छिपाई HIV Positive होने की बात, पत्नी भी हुई संक्रमित, अब FIR दर्ज
पति शादी से पहले ही एचआईवी संक्रमित था.

जींद (Jind) में एक व्यक्ति पर एचआईवी संक्रमित (HIV Infected) होने की बात कथित तौर पर छुपाकर शादी करने मामला सामने आया है. जबकि पत्‍नी के संक्रमित होने के बाद उस पर मामला दर्ज हुआ है.

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जींद. हरियाणा के जींद (Jind) में एक सनसनखेज मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने एचआईवी संक्रमित (HIV Infected) होने की बात कथित तौर पर छुपाकर शादी की और बाद में उसकी पत्नी भी इससे संक्रमित हो गयी. जबकि पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

ऐसे खुली पति के एचआईवी संक्रमित होने की पोल
महिला द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, उसकी शादी पिछले साल कैथल निवासी युवक के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल के लोग उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगे इसी दौरान उसका स्वास्थ्य खराब हो गया और जांच में पता लगा कि एचआईवी संक्रमित हो गयी है. जबकि बाद में पता लगा कि उसका पति शादी से पहले ही एचआईवी संक्रमित था. इसके बाद ससुराल के लोगों ने समाज का भय दिखाते हुए चुप रहने के लिए कहा और साथ ही बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी.

महिला की शिकायत पर पुलिस ने कही ये बात
पीड़ित महिला की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने उसके पति, ननद, ससुर सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत, दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जबकि इस मामले पर महिला थाना प्रभारी शीला देवी ने बताया कि शिकायत के बाद पति समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है.



HIV और AIDS में क्या अंतर होता है?
यह सवाल आपमें से बहुत लोगों के मन में होता है. क्या HIV+ होना ही AIDS होना है? जी नहीं. यदि किसी व्यक्ति का रक्त HIV पॉजिटिव है तो जरूरी नहीं उसे AIDs हो जाएगा. इसे ऐसे समझिए कि जब रक्त में HIV नाम का वायरस आ जाता है तो उस रक्त को HIV पॉजिटिव रक्त कहते हैं. लेकिन जब यह वायरस रक्त में फैलकर व्यक्ति को इस स्थिति में पहुंचा देता है कि उसके शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता ही ख़त्म हो जाती है, तब उस स्थिति को AIDS (अक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशियेंसी सिंड्रोम) कहते हैं. HIV पॉजिटिव होने के बाद कोई व्यक्ति AIDS की स्थिति में 2 महीने में भी पहुंच सकता है तो कोई 40 साल तक भी इसके साथ रह सकता है. इसका अभी तक कोई इलाज नहीं है. हां लेकिन अब ऐसी दवाएं बना ली गई हैं जो इस वायरस के बढ़ने को रोकती हैं.
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