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ATM से पैसे चुराने का नया तरीका, Aadhaar की मदद से खाली किया जा रहा आपका अकाउंट

प्रतिकात्मक तस्वीर

प्रतिकात्मक तस्वीर

जीन्द के उचाना के रहने वाले विक्रम का कहना है कि वह फिया कंपनी द्वारा एसबीआई बैंक उचाना में करीबन एक साल पहले आधार कार्ड बनाने के लिए ऑरेटर के पद पर नियुक्त किया गया था. वह बैंक में बैठकर ही काम करता था.

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जीन्द में एक युवक के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. हरियाणा से बाहर रहने वाले किसी शातिर ने जीन्द में आधार कार्ड बनाने वाले एक युवक के फिंगर प्रिंटस का मिस यूज करके 25 हजार से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बना डाले. इनमें से सैकड़ों फर्जी आधार कार्ड तो ऐसे हैं जिनके साथ एक भी डाक्यूमेंटस नहीं लगाया गया है. इतना ही नहीं उस शख्स ने आधार कार्ड बनाने वाले इस व्यक्ति विक्रम की फिंगर प्रिंटस का मिस यूज करके दो बारे बैंक से पेमेन्ट भी निकलवा ली.

मिस यूज कोई ओर कर रहा है जबकि आईडी और फिंगर प्रिंटस विक्रम के यूज किये जा रहे हैं. कंपनी ने विक्रम को ही जिम्मेवार ठहराते हुए उस पर साढ़े 33 लाख रूपये का जुर्माना ठोक दिया और उसे ब्लेक लिस्टेड भी कर दिया. विक्रम सच्चाई उजागर करने व फर्जीवाड़ा करने वाले को पकड़वाने के लिए पिछले लंबे समय से दर-दर की ठोकरें खा रहा है. वह गांव की पुलिस चौकी से लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक गुहार लगा चुका है लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही. अब जाकर जीन्द पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है.

जीन्द के उचाना के रहने वाले विक्रम का कहना है कि वह फिया कंपनी द्वारा एसबीआई बैंक उचाना में करीबन एक साल पहले आधार कार्ड बनाने के लिए ऑरेटर के पद पर नियुक्त किया गया था. वह बैंक में बैठकर ही काम करता था. उसके ऊपर ऑफिसर लगे हुए थे. ऑफिसर ही सारे डाक्यूमेंटस वेरिफाई करते थे. उसके बाद ही वह नये आधार कार्ड बनाने या आधार कार्ड में बदलाव करने का काम करता था.

सारा सेटअप बैंक में ही लगा हुआ था. वह बैंक से बाहर कुछ भी काम नहीं कर सकता था. विक्रम का कहना है कि नवम्बर महीने में उसके फिंगर प्रिंटस का मिस यूज करके किसी ने हरियाणा के बाहर से उसके एकाउंट से एक हजार रूपये निकाल लिए. इसके कुछ दिन बाद उसके फिंगर प्रिंटस का दोबारा मिस यूज करके 7500 रूपये निकाल लिए गए.

14 नवम्बर 2018 को जब उसने अपना कम्पयूटर ऑन किया तो उसे कंपनी द्वारा ब्लेकलिस्ट दिखाया गया. उसने मेल डालकर कारण पूछा तो उसे बताया गया कि वह अपनी आईडी का मिस यूज कर रहा है इसलिए उसे ब्लैक लिस्ट किया गया है.

विक्रम का कहना है कि इतना हीं नहीं उसकी आईडी का मिस यूज करके किसी ने 25 हजार से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड भी बना डाले जिनमें से करीबन 333 आधार कार्ड तो ऐसे हैं जो बिना डाक्यूमेंटस के ही बना डाले है. विक्रम का कहना है कि इस सब फर्जीवाड़े को उसी का फर्जीवाड़ा मानकर उस पर कंपनी ने साढ़े 33 लाख रूपये का जुर्माना भी ठोक दिया.

अपनी बात कहने के लिए विक्रम उचाना की पुलिस चौकी से लेकर कंपनी के बड़े बड़े अधिकारियों के दरवाजे पर गुहार लगा चुका है. यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ट्वीट और मेल कर चुका हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.

इस मामले में अब जीन्द जिला पुलिस हरकत में आई है. जीन्द पुलिस ने विक्रम की शिकायत पर बायोमेट्रिक का मिस यूज करने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ  धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. नरवाना के डीएसपी कुलवंत का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जल्द ही आरोपी का सुराग लगा लिया जाएगा.

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