हरियाणा: धान की फसल खरीद को लेकर खट्टर सरकार के दावे जींद में हवा हवाई

धान खरीद को सरकार के दावे फेल.
धान खरीद को सरकार के दावे फेल.

मंडी के सचिव ने कहा कि आज FCI की खरीद का समय था. लेकिन एजेंसी ने आढ़तियों के बिना खरीद करने से मना कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 10:24 AM IST
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जींद. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने 27 तारीख से धान की फसल खरीद की ट्वीट कर घोषणा की थी, लेकिन जींद जिले में हालात इसके विपरीत है. जब किसानों को उनकी बारी के अनुसार फ़ोन पर मैसेज भेजकर जींद की नई अनाज मंडी में बुलाया गया तो पूरा दिन किसानों की फसल नहीं खरीदी गई. किसान (Farmer) सारा दिन अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई खरीद एजेंसी सामने नहीं आई. आखिरकार किसानों ने धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को मंडी सचिव के दफ्तर के सामने खड़ी कर जाम लगा दिया. मामले की सूचना पाकर जिले की सुरक्षा एजेंसिया और अधिकारी मौके पर पहुंचे.

जब किसानों ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों के अधिकारी के गेट पर खड़ा किया तो पुलिस बल और मंडी सचिव उनको समझाने पहुंचे. किसानों ने अधिकारियों के सामने आज फसल खरीद का मैसेज भी दिखाया और मंडी में प्रवेश करने का गेट पास भी दिखाया जिस पर अधिकारी गलती मानते साफ नजर आए और उनकी बेबसी नजर आई. बड़ी जद्दोजहद के बाद जब अधिकारियो ने अगले दिन फसल खरीद का आस्वाशन दिया तो किसान तरह मानने को तैयार हुए.

मंडी सचिव ने कही ये बात



जींद नई अनाज मंडी के सचिव ने कहा कि आज FCI की खरीद का समय था. लेकिन एजेंसी ने आढ़तियों के बिना खरीद करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि हम दूसरी एजेंसी से खरीद करवाने की कोशिश करेंगे क्योंकि अभी आढ़तियों की हड़ताल चली हुई है, जिसके कारण एजेंसी ने खरीद से मना किया है. उन्होंने बताया कि इसमें किसान का आज कसूर नहीं था हम इनका समाधान करने की कोशिश करेंगे. किसानों को बाकायदा आज मैसेज भेजकर बुलाया गया था लेकिन एजेंसी के मना कर देने पर खरीद नहीं हो पाई.
सरकार के दावे फेल

कोथ कलां गांव से आये किसान करनैल सिंह का कहना है कि हमने दिन रात लगकर धान मंडी में लाने के लिए प्रयास किया. लेकिन यह पहुंचने पर फसल नहीं खरीदी गई. यहां तक कि फसल में नमी ज्यादा बता दी गई, लेकिन उसी यंत्र से हमने नापा तो नमी सही पाई गई. उन्होंने कहा कि पूरा दिन अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला तो हमने अधिकारी के दफ्तर के सामने धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को खड़ा कर दिया. दुखी मन से किसान ने कहा कि किसान की माटी खराब हो चुकी है यानी हालात दयनीय हो चुकी है और अब खेती एक मौत का सामान हो गया है. हरियाणा में फसल खरीद के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के दावे फेल साबित हुए है.
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