जींद महापंचायत: किसानों का ऐलान, सरकार को 100 रुपये लीटर मिलेगा दूध, अब MSP नहीं बल्कि MRP पर होगी बात

खाप महापंचायत में लिए फैसले के बाद दूध के दाम सौ रुपए कर दिए गए. आम लोगों को दूध पुराने रेट पर ही दिया जाएगा. इसके साथ ही किसानों ने कहा कि  वह अब MSP नहीं MRP की बात करेंगे.

खाप महापंचायत में लिए फैसले के बाद दूध के दाम सौ रुपए कर दिए गए. आम लोगों को दूध पुराने रेट पर ही दिया जाएगा. इसके साथ ही किसानों ने कहा कि  वह अब MSP नहीं MRP की बात करेंगे.

हरियाणा के जींद में खापों और किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान कर सरकार की मुश्किल और बढ़ा दी है. खाप महापंचायत में लिए फैसले के बाद दूध के दाम सौ रुपए कर दिए गए. आम लोगों को दूध पुराने रेट पर ही दिया जाएगा. इसके साथ ही किसानों ने कहा कि  वह अब एमएसपी नहीं एमआरपी की बात करेंगे.

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जींद. हरियाणा (Haryana) के जींद (Jind) में खापों और किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. खाप महापंचायत में लिए गए इस फैसले के बाद सरकार की नींद उड़ सकती है. दुग्ध किसानों (Milk Farmer) ने हरियाणा में दूध का 100 रुपए प्रति लीटर निर्धारित कर दिया है. यहां किसानों ने कहा कि अब वह सरकार और सहकारी संस्थाओं को 100 लीटर से कम दूध नहीं बेचेंगे. इसके साथ खाप पंचायत में आम लोगों को दूध दिए जाने में राहत की बात कही गई. उन्होंने कहा कि आम पब्लिक के लिए दूध का पुराना रेट ही लागू रहेगा. किसानों ने कहा कि अब सरकार से एमएसपी पर नहीं एमआरपी पर बात की जाएगी.

केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ करीब दो महीने से हरियाणा के जींद जिले के खटकड़ टोल पर आंदोलन कर रहे किसानों ने रविवार को सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन किया. सम्मेलन की अध्यक्षता सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने की. इस बैठक में दूध के दाम सौ रुपए प्रति लीटर कर दिए गए. इसके साथ ही किसानों  ने कहा कि वह अब MSP नहीं बल्कि MRP के लिए बात करेंगे. किसानों ने दूध में 5.85 रुपये मुनाफा जोड़ कर दूध का यह रेट निर्धारित किया है. दूध की आधार कीमत 35.50, हरा चारा के 20.35, तुड़ी के 14.15, गोबर खर्चा के 9.00 और 15.15 लेबर को जोड़ कर यह एमआरपी तय किया गया है. किसानों का कहना है कि एमआरपी का यह फैसला बहुत पहले ले लेना चाहिए था. अब अनाज और दालों के लिए भी एमआरपी का फैसला लिया जाएगा.

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भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि सर्व धर्म सम्मेलन का किसान धरना स्थल पर आयोजन करके किसानों ने देश, प्रदेश में ‘हम सब एक हैं का संदेश देने का काम किया है. उन्होंने कहा, ‘‘सरकार हममें में फूट डालने की कोशिश न करें और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी के लिए कानून बनाए.’’पालवां ने कहा कि लोग अब सरकार के बहाकवे में नहीं आएंगे क्योंकि लोग जागरूक हो चुके हैं. सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने बताया कि किसानों का आह्वान किया गया है कि वे सरकारी डेयरी पर 100 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध दें.
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