अपना शहर चुनें

States

जींद में 19 खापों की महापंचायत, 26 जनवरी के किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए रूट मैप तैयार

जींद में 19 खापों की बैठक हुई, जिसमें ट्रैक्टर परेड को लेकर रणनीतियां बनाई गईं.
जींद में 19 खापों की बैठक हुई, जिसमें ट्रैक्टर परेड को लेकर रणनीतियां बनाई गईं.

तय किया गया कि गांव स्तर पर 5 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो ट्रैक्टर मार्च की व्यवस्था देखेगी. इसके अलावा दो खापों की कमेटी होगी, जो जींद से लेकर दिल्ली तक में शांति व्यवस्था कायम रखने का काम करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2021, 10:54 PM IST
  • Share this:
जींद. केंद्र सरकार (Central government) और किसानों (farmers) के बीच 9वें दौर की वार्ता नाकाम होने के बाद हरियाणा (Haryana) के जींद (jind) में शुक्रवार को 19 खापों (khap) की महापपंचायत (mahapanchayat) हुई. इस महापंचायत में 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड (tractor parade) के लिए कई निर्णय लिए गए. तय किया गया कि गांव स्तर पर 5 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो ट्रैक्टर मार्च की व्यवस्था देखेगी. इसके अलावा दो खापों की कमेटी होगी, जो जींद से लेकर दिल्ली तक में शांति व्यवस्था कायम रखने का काम करेगी. एक खाप कमेटी में 15 और दूसरी में 25 सदस्य होंगे. खापों के सदस्यों ने कहा हम शांतिपूर्वक दिल्ली के लिए कूच करेंगे, इसलिए कमिटियों का गठन किया गया है. इस महापंचायत में खापों ने एलान किया कि जब तक कानून वापसी नहीं होती तब तक घर वापसी नहीं होगी.

कमेटियां करेंगी स्थितियों को नियंत्रित

हरियाणा के जींद में किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली में प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के लिए रूट प्लान तैयार कर दिया है. किसानों ने गांव और खाप सदस्यों की कमिटी का गठन किया है, जो पूरे मार्च को कंट्रोल करेगी. आज जींद में हुई 19 खापों की मीटिंग में फैसला किया गया कि हम कोई दंगा-फसाद नहीं करेंगे. इसीलिए कमिटियों का गठन किया गया कि वे हर स्थिति पर नियंत्रण रख सकें.




कानून वापसी के बाद ही घर वापसी

माजरा खाप नेता नरेंद्र ने बताया कि हमने 5 सदस्यीय ग्राम स्तर पर कमेटी बनाई है. इसके अलावा दो खापों की कमेटी बनाई गई है. एक खाप की कमेटी में 15 तो दूसरी में 25 सदस्य शामिल होंगे. ये सदस्य पूरे आंदोलन पर नियंत्रण रखेंगे. भारतीय किसान यूनियन के नेता और कंडेला खाप सदस्य छज्जू राम कंडेला ने बताया कि किसान 18 जनवरी को महिला दिवस मनाएंगे और 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस जयंती भी मनाएंगे. उन्होंने बताया कि जब तक कानून वापसी नहीं होगी, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी. बड़ी संख्या में किसान इस आंदोलन और ट्रैक्टर परेड में भाग लेंगे. जब तक कृषि के तीन कानून वापिस नहीं होते, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज