जींद: महापंचायत का फैसला- तीनों कृषि कानून वापस ले सरकार, गिरफ्तार लोगों को रिहा करे

जल्द ही प्रदेश के शेखावाटी इलाके में भी बड़ी किसान महापंचायत आयोजित करने की तैयारियां की जा रही है. 
उसमें भी टिकैत के आने की संभावना है. (फाइल फोटो)

जल्द ही प्रदेश के शेखावाटी इलाके में भी बड़ी किसान महापंचायत आयोजित करने की तैयारियां की जा रही है. उसमें भी टिकैत के आने की संभावना है. (फाइल फोटो)

Kisan Aandolan: महापंचायत में फैसला लिया गया कि तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस ले और गिरफ्तार लोगों को जल्द से जल्द रिहा करे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 5:43 PM IST
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जींद. हरियाणा के जींद जिले में किसानों की महापंचायत (Farmers Mahapanchyat) शुरू हो गई है. जिले के कंडेला गांव में हजारों की भीड़ जुटी है. बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस महपंचायत में हिस्सा लेने पहुंची हैं. महापंचायत में फैसला लिया गया कि तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस ले और गिरफ्तार लोगों को जल्द से जल्द रिहा करे. जींद की महापंचायत से राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि 'हमने अभी सरकार से बिल वापस की बात कही है, अगर हमने गद्दी वापसी की बात कर दी तो सरकार का क्या होगा? अभी समय है सरकार संभल जाए.' राकेश टिकैत ने सरकार को बेबाक अंदाज में चुनौती दी है.

जींद में आयोजित किसानों की महापंचायत में कृषि बिल को वापस लेने का प्रस्ताव पास किया गया है. इस महापंचायत में राकेश टिकैत मौजूद हैं. इस महापंचायत में किसानों ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है. इसके अलावा लापता किसानों का पता लगाने और किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग भी की है.

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टिकैत के अलावा कई खाप नेता भी इस महापंचायत में शामिल हुए हैं. टेक राम कंडेला ने कहा कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए यह बड़ा जमावड़ा है. करीब दो दशक पहले हरियाणा में किसानों का आंदोलन चलाने वाली कंडेला खाप ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को अपना समर्थन दिया है. दूसरी खाप ने भी आंदोलन का समर्थन किया है. टेकराम कंडेला ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कृषि कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग की जाएगी.
गौरतलब है की जब टिकैत भावुक हुए थे तो कंडेला गांव के लोगों ने जींद-चंडीगढ़ हाईवे जाम कर दिया था जिसके बाद पूरे हरियाणा भर से किसान आंदोलन को समर्थन मिला था और बड़ी संख्या में लोग दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच गए थे. जींद जिले ने किसान आंदोलन में नए सिरे से जान फूंकी है. आज हरियाणा के जींद में किसान आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी.

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