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कृषक उपहार योजना: कृषि मंत्री धनखड़ ने लकी ड्रा के विजेता किसानों को दिए ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल

Vijender Kumar | News18 Haryana
Updated: December 30, 2018, 8:07 AM IST
कृषक उपहार योजना: कृषि मंत्री धनखड़ ने लकी ड्रा के विजेता किसानों को दिए ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल
कृषि मेंत्री ओमप्रकाश धनखड़

कृषि मंत्री ने लोगों के बीच से ही व्यक्तियों को बुलाकर ड्रा कूपन निकलवाएं. जींद जिले से सुरेन्द्र तथा मनोज रहे लक्की किसान, दोनों किसानों ने ट्रैक्टर जीते.

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जींद के नई अनाज मंडी में कृषक उपहार वितरण समारोह का आयोजन हुआ. समारोह में किसानों में ट्रैक्टर और मोटरसाईकिल मुफ्त में वितरित किए गए. कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की मौजूदगी में जे फार्म के माध्यम से फसल बेचने वाले किसानों को लकी ड्रा के माध्यम से यह ईनाम दिए गए. समारोह में चार जिलों के किसानों को बुलाया गया था. हर जिले के लिए दो-दो ट्रैक्टर निर्धारित किए गए थे. कृषि मंत्री ने लोगों के बीच से ही व्यक्तियों को बुलाकर ड्रा कूपन निकलवाएं.  जींद जिले से सुरेन्द्र तथा मनोज रहे लक्की किसान, दोनों किसानों ने ट्रैक्टर जीते.
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने किसानों, मजदूरों और गरीब तबके के लोगों के उत्थान के लिए जितने काम किए है, उतना हरियाणा के इतिहास में कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अब हरियाणा सरकार किसानों के लिए एक नया कार्यक्रम लाने जा रही है, जिसके तहत किसान अपनी फसलों के खराबी की गिरदावरी खुद कर सकेंगे. इसके लिए जल्द ही एक नया एप लांच किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि फसलों का मूल्य देने के मामले में हरियाणा की बीजेपी सरकार देश में सबसे आगे है. यहां किसानों को हर फसल का सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है. हरियाणा प्रदेश में पहली बार ऐसी सरकार बनी है जिसने बिना फसल बिजाई के भी किसानों को मुआवजा देने का काम किया है. जिन क्षेत्रों में जल भराव की वजह से फसल बिजाई नहीं हुई है उन्हें सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़   में किया गया कर्जमाफी जनता के साथ छलावा है. कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव में  कई बैंकों से लिए गए ऋण माफ करने की बात कहीं थी, लेकिन सरकार बनते ही उन्होंने मात्र सहकारी बैंकों से लिए कर्ज को ही माफ कर जनता से वायदा खिलाफी की है.  इस कर्जा माफी से किसी को कोई फायदा नहीं होने वाला है. उन्होंने ठेठ हरियाणवी बोली में कहा है कि यह तो वही बात हो गई कि ‘दिखाई भैंस और दे दिया कटड़ा’.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी सवाल दागते  हुए उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट का चोर कौन है, किसने 2006 से रिपोर्ट दबा रखी थी, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने वाला चेयरमैन कौन था, और आज वे हमसे स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर का सवाल करते हैं. कृषि मंत्री ने  ठेठ  अंदाज में कहा पूर्व  सरकार ने ऐसा काम किसानों के साथ किया कि जब अपना मौका था तो नंगे पैर घुमाए  और जब हमने दिया तो अब कह रहे  की जूते मिलने चाहिए थे बाटा के.

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First published: December 30, 2018, 8:07 AM IST
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