जींद: तेज तूफान से किसानों के लिए लगाया लंगर का तंबू उखड़ा, तहस-नहस हुआ सारा सामान

तूफान से उड़ा टेंट

Storm in Jind: तेज तूफान ने लंगर स्थान को तहस-नहस कर दिया. टेंट, खाने का सामान, बर्तन, कुर्सियां और अन्य सामान तेज तूफान से बिखर गया.

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    जीन्द. हरियाणा के जींद (Jind) जिले में कल देर रात तेज तूफान आने से किसानों के लिए लगाया गया लंगर का तंबू उखड़ गया. तूफान (Storm) इतना तेज था कि तंबू में रखा सारा सामान भी बिखर गया. किसानों के लिए झांझ गांव के पास जीन्द पटियाला मार्ग पर ये लंगर लगाया गया हुआ है. इस टेंट में एक समय में 100 से ज्यादा किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई थी.

    बता दें कि देर रात आए इस तेज तूफान ने लंगर स्थान को तहस-नहस कर दिया. टेंट, खाने का सामान, बर्तन, कुर्सियां और अन्य सामान तेज तूफान से बिखर गया. दिल्ली के टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर जाने वाले पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए ये लंगर लगाया हुआ है. आंदोलन के शुरू के कुछ दिन बाद से लंगर सेवा लगातार जारी है. इस लंगर सेवा में आस पास के ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं.

    वहीं हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अंदोलन की आड़ में किसान नेताओं का कोई गुप्‍त एजेंडा है. उनका कहना है कि यह कृषि आंदोलन कृषि कानूनों को लेकर नहीं है. विज ने कहा कि किसान यह नहीं बता पा रहे हैं कि इन कानूनों की किन बातों पर उन्‍हें ऐतराज है.

    किसान आंदोलन के पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा

    विज ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं. वह किसानों के साथ 11-12 बार मिल भी चुके हैं. लेकिन किसान नेता यह नहीं बता पाए हैं कि उन्‍हें कानून में किस बात को लेकर आपत्ति है. इससे पता चलता है कि उनका आंदोलन इन तीन कृषि कानूनों को लेकर नहीं है बल्कि उसके पीछे कोइ छिपा हुआ एजेंडा है.