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आधार कार्ड बायोमेट्रिक फर्जीवाड़ा मामला, जींद का एक शख्स गिरफ्तार

News18 Haryana
Updated: February 11, 2019, 11:07 AM IST
आधार कार्ड बायोमेट्रिक फर्जीवाड़ा मामला, जींद का एक शख्स गिरफ्तार
आधार कार्ड. (Demo Pic)

जींद में रहने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

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जींद में आधार कार्ड बायोमेट्रिक फर्जीवाड़ा मामले में जींद के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. एक युवक जींद और दूसरा बिहार का रहने वाला है. जींद में रहने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. UIDAI की शिकायत पर बायोमेट्रिक मिसयूज करने के आरोपों पर ये मामला दर्ज हुआ है.

बता दें कि जीन्द में एक युवक के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया था. हरियाणा से बाहर रहने वाले किसी शातिर ने जीन्द में आधार कार्ड बनाने वाले एक युवक के फिंगर प्रिंटस का मिस यूज करके 25 हजार से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बना डाले. इनमें से सैकड़ों फर्जी आधार कार्ड तो ऐसे हैं जिनके साथ एक भी डाक्यूमेंटस नहीं लगाया गया है. इतना ही नहीं उस शख्स ने आधार कार्ड बनाने वाले इस व्यक्ति विक्रम की फिंगर प्रिंटस का मिस यूज करके दो बारे बैंक से पेमेन्ट भी निकलवा ली.

मिस यूज कोई ओर कर रहा है जबकि आईडी और फिंगर प्रिंटस विक्रम के यूज किये जा रहे हैं. कंपनी ने विक्रम को ही जिम्मेवार ठहराते हुए उस पर साढ़े 33 लाख रूपये का जुर्माना ठोक दिया और उसे ब्लेक लिस्टेड भी कर दिया. विक्रम सच्चाई उजागर करने व फर्जीवाड़ा करने वाले को पकड़वाने के लिए पिछले लंबे समय से दर-दर की ठोकरें खा रहा है. वह गांव की पुलिस चौकी से लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक गुहार लगा चुका है लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही. अब जाकर जीन्द पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है.

जीन्द के उचाना के रहने वाले विक्रम का कहना है कि वह फिया कंपनी द्वारा एसबीआई बैंक उचाना में करीबन एक साल पहले आधार कार्ड बनाने के लिए ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया था. वह बैंक में बैठकर ही काम करता था. उसके ऊपर ऑफिसर लगे हुए थे. ऑफिसर ही सारे डाक्यूमेंटस वेरिफाई करते थे. उसके बाद ही वह नये आधार कार्ड बनाने या आधार कार्ड में बदलाव करने का काम करता था.

सारा सेटअप बैंक में ही लगा हुआ था. वह बैंक से बाहर कुछ भी काम नहीं कर सकता था. विक्रम का कहना है कि नवम्बर महीने में उसके फिंगर प्रिंटस का मिस यूज करके किसी ने हरियाणा के बाहर से उसके एकाउंट से एक हजार रूपये निकाल लिए. इसके कुछ दिन बाद उसके फिंगर प्रिंटस का दोबारा मिस यूज करके 7500 रूपये निकाल लिए गए.

14 नवम्बर 2018 को जब उसने अपना कम्पयूटर ऑन किया तो उसे कंपनी द्वारा ब्लेकलिस्ट दिखाया गया. उसने मेल डालकर कारण पूछा तो उसे बताया गया कि वह अपनी आईडी का मिस यूज कर रहा है इसलिए उसे ब्लैक लिस्ट किया गया है.

विक्रम का कहना है कि इतना हीं नहीं उसकी आईडी का मिस यूज करके किसी ने 25 हजार से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड भी बना डाले जिनमें से करीबन 333 आधार कार्ड तो ऐसे हैं जो बिना डाक्यूमेंटस के ही बना डाले है. विक्रम का कहना है कि इस सब फर्जीवाड़े को उसी का फर्जीवाड़ा मानकर उस पर कंपनी ने साढ़े 33 लाख रूपये का जुर्माना भी ठोक दिया.
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First published: February 11, 2019, 11:02 AM IST
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