12 साल के इस बच्चे के पैरों में है जादू, नहीं देखा होगा फुटबॉल पर ऐसा कंट्रोल

बच्चे का नाम बलकार है जिसकी उम्र महज 12 साल है. इस छोटी सी उम्र में इसके खेल को देख बड़े-बड़े लोग दंग हो जाते हैं. इस बच्चा का फुटबॉल के लिए जुनून इतना कि घर के हर कोने में फुटबॉल रखी हुई है.

Virender Puri | News18 Haryana
Updated: June 26, 2019, 6:00 PM IST
Virender Puri
Virender Puri | News18 Haryana
Updated: June 26, 2019, 6:00 PM IST
फेसबुक पर एक बच्चे का दीवार पर फुटबॉल खेलते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. न्यूज 18 की टीम ने इस बच्चे को खोज निकालाय ये बच्चा हरियाणा के कैथल जिले के गांव जाजनपुर का रहने वाला है. इस बच्चे का नाम बलकार है जिसकी उम्र महज 12 साल है. इस छोटी सी उम्र में इसके खेल को देख बड़े-बड़े लोग दंग हो जाते हैं. इस बच्चा का फुटबॉल के लिए जुनून इतना कि घर के हर कोने में फुटबॉल रखी हुई है.

गरीब परिवार से संबंध रखता है बलकार



बलकार गांव जाजनपुर के बेहद गरीब परिवार से संबंध रखता है. घर में माता-पिता और एक बड़ा भाई है. एक तंग सी गली में बलकार का साधारण सा घर है लेकिन प्रतिभा बिल्कुल भी साधारण नहीं. उसी तंग गली से साइकिल पर प्रैक्टिस के लिए जाना बलकार का हररोज का काम है. गांव की व्यायामशाला में हररोज फटे जूतों के साथ फुटबॉल की प्रैक्टिस करता है. खेल में इतना माहिर की छोटी सी उम्र में ही फुटबॉल पर गजब का कंट्रोल और अद्भुत प्रतिभा.

बच्चे में कुछ अलग करने का हुनर

बलकार के कोच व उनकी मां ने बताया कि बचपन से ही कुछ अलग करने का हुनर इसमें है. हर काम को बड़े ही अलग अंदाज में करना इसकी आदत है. कोच सुमित ने बताया कि गांव में कुछ ऐसे बच्चे थे जो आवारा फिरते थे और गरीब परिवारों से थे. मैंने उन्हें कुछ ऐसा देने की सोची की वो कामयाब हो तो उनकी फुटबॉल की ट्रेंनिंग शुरू करवाई. धीरे-धीरे उनकी रुचि बढ़ी और उनमें से बलकार निखरकर सामने आया.

हर रोज करता है प्रैक्टिस

अब हररोज इनके साथ मैं खुद मेहनत करता हूं और कौशिश करता रहूंगा ताकि इन्हें कामयाब बना सकूं. कोच सुमित को इस बात का मलाल भी है कि सिस्टम की वजह से बलकार का सेलेक्शन होने के बावजूद वो खेल ना सका. क्योंकि सिफारिश से इसकी जगह किसी ओर बच्चे को जगह मिल गई. कोच की गुजारिश है कि इस लड़के में गजब का हुनर है अगर सरकार इसकी मदद करे, इसे प्रोत्साहन दे.
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बलकार ने बताया कि जैसे-जैसे वो इस व्यायामशाला आने लगा तो उसकी खेल में रुचि बढ़ने लगी. एक दिन कोच ने उन्हें दीवार पर ऐसे खेलने का चेलेंज दिया तो उसने बेहतर अभ्यास करके इस चैलेंज को पूरा किया. अब ये उनके लिए आम बात है. बलकार ने बताया कि लगभग तीन एकड़  की ये वयायामशाला है जिसकी चारों दीवारों पर ऐसे लगातार खेल सकता है. बलकार का सपना है की वो विश्व के बड़े-बड़े फुटबॉल खिलाड़ियों से भी बेहतर करेगा और अपने देश का नाम रोशन करेगा.

वहीं गांव के सरपंच कृष्ण जाजनपुर ने बताया कि लड़के में गजब का हुनर है. लेकिन ये लड़का बेहद गरीब परिवार से है. इसकी हरसंभव मदद की जाएगी. सरपंच ने लड़के के हुनर को देखते हुए उसी वक्त 11 हजार उसको देने की बात कही और सरकार से हरसंभव मदद के लिए लिखने के विषय में भी कहा.

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