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ओम प्रकाश चौटाला को दो बार हराने वाले रणदीप सुरजेवाला पर कांग्रेस को क्यों है भरोसा?

News18 Haryana
Updated: October 18, 2019, 5:08 PM IST
ओम प्रकाश चौटाला को दो बार हराने वाले रणदीप सुरजेवाला पर कांग्रेस को क्यों है भरोसा?
रणदीप सिंह सुरजेवाला हरियाणा के दिग्गज नेता ओम प्रकाश चौटाला को दो बार हरा चुके हैं. (फाइल फोटो)

हरियाणा (Haryana) में जाट नेता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) कम उम्र में ही राष्ट्रीय राजनीति के मानचित्र पर अपनी पहचान छोड़ चुके हैं. आज वो कांग्रेस (Congress) का पक्ष अपने तर्कों से मजबूती से रखने के लिए जाने जाते हैं.

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कैथल. हरियाणा (Haryana) में जाट नेता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) कम उम्र में ही राष्ट्रीय राजनीति के मानचित्र पर अपनी पहचान छोड़ चुके हैं. आज वो कांग्रेस (Congress) का पक्ष अपने तर्कों से मजबूती से रखने के लिए जाने जाते हैं. हरियाणा की राजनीति में खोई ज़मीन हासिल करने के लिए कांग्रेस के लिए रणदीप सुरजेवाला उम्मीद की किरण हैं. कैथल (Kaithal) विधानसभा सीट से एक बार फिर रणदीप सुरजेवाला चुनावी मैदान में उतरे हैं.

विधानभा चुनाव से पहले हुए उप-चुनाव में मिली हार से रणदीप सुरजेवाला की राजनीतिक साख पर सवाल उठने लगे थे. कैथल से विधायक होने के बावजूद रणदीप सुरजेवाला ने पार्टी आलाकमान के निर्देशों का पालन करते हुए जींद से उपचुनाव लड़ा था लेकिन वो हार गए थे. जिसके बाद उनकी काफी किरकिरी हुई. ये तक कह कर निशाना लगाया गया कि एक विधायक ने विधायक बनने के लिए विधायक का चुनाव लड़ा और हार गया.

ओमप्रकाश चौटाला को हराकर मचा दी थी सनसनी
इन सबके बावजूद हरियाणा में जाट वोटरों में रणदीप सुरजेवाला की अहमियत को कम करके नहीं आंका जा सकता है. हरियाणा में सुरजेवाला कुल पांच बार विधायक का चुनाव लड़े हैं. उन्हें चार बार जीत हासिल हुई है. साल 2014 में जब देश में मोदी लहर थी तब सुरजेवाला हरियाणा में चौथी बार विधायक चुने गए थे. साल 1996 और 2005 में सुरजेवाला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के नेता ओमप्रकाश चौटाला हो हरा कर सनसनी फैला दी थी. कम्र उम्र में राजनीति में पदार्पण कर विधायक बनने वाले रणदीप सुरजेवाला के सियासी कद की ऊंचाई समझी जा सकती है.

राहुल गांधी के करीबी हैं सुरजेवाला
युवा सुरजेवाला सबसे पहले हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की यूथ विंग के जनरल सेक्रेटरी बने और फिर इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. वो हरियाणा से युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता बने. इसके बाद उनकी कांग्रेस में सचिव के तौर पर एन्ट्री हुई और वो सरकार में राज्य मंत्री और कैबिनेट मंत्री भी रहे. सुरजेवाला सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे जाट नेताओं में से एक हैं जो कि अपने तर्कों से कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखते आए हैं. उनकी इसी काबिलियत की वजह से वो कम समय में ही राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बन गए. वो पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी हैं.

कांग्रेस के भरोसेमंद चेहरे में शुमार हैं सुरजेवाला
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रणदीप सुरजेवाला का जन्म हरियाणा के राजनीतिक परिवार में 3 जून 1967 को हुआ. उनके पिता शमशेर सिंह सुरजेवाला हरियाणा की पहली कैबिनेट में मंत्री थे. सुरजेवाला अपने माता-पिता की चौथी संतान हैं. जींद से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से बीकॉम और लॉ किया. इसके बाद उन्होंन पॉलिटिकल साइंस में एमए किया. दिल्ली में वकालत करने के बाद उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की. रणदीप ने साल 1991 में गायत्री से शादी की और उनके दो बच्चे अर्जुन और आदित्य हैं. सुरजेवाला कांग्रेस के भीतर हर जिम्मेदारी को निभाते आ रहे हैं और आज वो पार्टी के भरोसेमंद चेहरे में शुमार हैं.

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First published: October 12, 2019, 9:57 AM IST
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