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13 साल की लक्ष्मी ने हाथों को आवाज़ तो आंखों को बनाया कान, प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में हासिल किया प्रथम स्थान

कानों से सुन ना पाने के बावजूद भी करती है डांस

कानों से सुन ना पाने के बावजूद भी करती है डांस

Kaithal News: टीचर्स (Teachers) ने भी कहा-लक्ष्मी को समझाने व समझने में नहीं आती दिक्कत बल्कि कैचिंग पावर (Catching Power) साधारण बच्चों से अधिक.

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कैथल. प्रतिभा किसी चीज की मोहताज नहीं होती, फिर चाहे विकट परिस्थितियां हो या फिर भगवान ने किसी इंसान को साधारण से कुछ कम बनाया हो. ऐसा ही कैथल (Kaithal) की 13 साल की लक्ष्मी ने कर दिखाया है. लक्ष्मी सुन-बोल नहीं सकती और बाबा लदाना गांव के सरकारी स्कूल (Government School) में 8वीं की छात्रा है. लक्ष्मी ने प्रदेश स्तरीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में पेंटिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है और गजब की बात ये है कि इस प्रतियोगिता में लक्ष्मी उन साधारण बच्चों से आगे रही जो भगवान के बनाये शरीर मे सम्पूर्ण हैं. इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से स्कूली बच्चों व टीचर्स ने भाग लिया था.

लक्ष्मी बाबा लदाना गांव के सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ती है और बोल-सुन ना पाने की कमी को नकारते हुए उन साधारण बच्चों की तरह ही स्कूल में पढ़ती है. टीचर्स व लक्ष्मी के दादा-दादी ने बताया कि यह अन्य बच्चों की तरह ही स्कूल में मेहनत करती है और अपना पूरा काम ध्यान से करती है. लक्ष्मी सुन ना पाने के बावजूद भी डांस कर लेती है. घर व स्कूल में सामान्य बच्चों की तरह काम करती है. सिलाई-कढ़ाई अपने हाथ-पैर दोनों से कर लेती है.

लक्ष्मी को सम्मानित करते हुए




टीचर्स ने कही ये बात
लक्ष्मी के प्रदेशभर में प्रथम स्थान हासिल करने पर टीचर्स व परिजनों को गर्व है और उन्हें उम्मीद है कि ये बच्ची जिले व प्रदेश का नाम आगे भी रोशन करेगी. लक्ष्मी अपने भावों की पेंटिंग के माफहयम से कागज पर उकेरती है. आम दिनचर्या में भी अपने भावों को लक्ष्मी बताती है और सभी अच्छे से समझ लेते हैं. लक्ष्मी ने अपने हाथों को आवाज़ तो आंखों को कान बना लिया है.
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