जुम्मे के रोजे से हुई रमजान की शुरुआत, लोगों में खुशी का माहौल
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जुम्मे के रोजे से हुई रमजान की शुरुआत, लोगों में खुशी का माहौल
रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत हो चुकी है, वैसे तो पूरे महीने के रोजे फर्ज हैं, लेकिन जुम्मे के रोजे के दिन से शुरुआत हो तो इससे बढ़ कर खुशी रोजेदारों के लिए कोई दूसरी नहीं हो सकती.

रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत हो चुकी है, वैसे तो पूरे महीने के रोजे फर्ज हैं, लेकिन जुम्मे के रोजे के दिन से शुरुआत हो तो इससे बढ़ कर खुशी रोजेदारों के लिए कोई दूसरी नहीं हो सकती.

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रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत हो चुकी है, वैसे तो पूरे महीने के रोजे फर्ज हैं, लेकिन जुम्मे के रोजे के दिन से शुरुआत हो तो इससे बढ़ कर खुशी रोजेदारों के लिए कोई दूसरी नहीं हो सकती.

बाजार से लेकर मस्जिदों में शुक्रवार से रौनक पूरे महीने देखने लायक रहेगी, मुसलमान आज से अल्लाह को राजी करने के लिए इबादत में जुट जाएंगे. इस माह में कुदरत की रहमत बरसती है और एक नेकी के बदले 70 गुना सबाब मिलता है. गर्मी जानलेवा है और रोजेदारों पर इसका असर तो पड़ता ही है, लेकिन उत्साह से भरे होने के कारण हौसला बुलंद रहता है.

इस महीने में तरावीह की नमाज की अलग ही अहमियत है और सिर्फ इसी माह में रात को रोजा खोलने के कुछ घंटे बाद यह नमाज अदा होती है. इस बार रमजान के महीने में पांच जुम्मे की नमाज रहेंगी, ऐसा कभी-कभी ही होता है. सरकार भी इस पवित्र महीने में रोजेदारों के लिए बिजली-पानी के विशेष इंतजाम कर रही है.



रमजान के महीने में कई सालों से सरकार तथा अन्य राजनैतिक दल दावत-ए इफ्तार का आयोजन करती हैं. खजूर, सेमियां इत्यादि कई व्यंजन ऐसे हैं जो सिर्फ रमजान के महीने में ही बाजार में दिखाई देते हैं. फलों का भी इफ्तार के समय रोजेदार सेवन करते हैं बच्चे, बूढ़े, महिला सभी इस माह को हाथ से नहीं जाने देना चाहते, उलेमा मुफ्ती जाहिद हुसैन ने कहा कि यह सबसे पवित्र महीना है और इस महीने में नेकी करनी चाहिए, बुराई से बचना चाहिए.
15 साल से ऊपर उम्र के बच्चे पर रोजा फर्ज है, साल के बारह महीनों में रमजान का महीना सबसे पवित्र है. और इसमें नाक, कान, मुंह सभी का रोजा होता है, इसके अलावा मुस्लिम समाज के लोग भी इस माह को लेकर विशेष तैयारी करते हैं और आपस में खुशियां बांटते हैं.
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