किसानों के विरोध के बीच तय शेड्यूल से डेढ़ घंटे पहले पेड़ लगाने पहुंचे CM मनोहर लाल खट्टर

सीएम मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)

सीएम मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)

Kisan Aandolan: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ लगाने के लिए निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे पहले ही करनाल पहुंच गए.

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करनाल. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ लगाने के लिए निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे पहले ही करनाल पहुंच गए. करनाल में किसानों के प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल के जवानों को तैनात कर दिया गया था. इतना ही नहीं सीएम के कार्यक्रम के लिए कई सड़कों पर आवाजाही कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी.

तय शेड्यूल के अनुसार सीएम खट्टर को सुबह 10 बजे पेड़ लगाने करनाल पहुंचना था, लेकिन वे पौधरोपण के लिए सुबह 8:30 बजे ही पहुंच गए. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन ने दौरे के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन जानकारी लीक हो गई. इसके बाद किसान नेताओं ने सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित करना शुरू कर दिया कि किसानों को विरोध के लिए करनाल के बस्तर टोल प्लाजा पर इकट्ठा होना चाहिए.

सीएम खट्टर ने कहा कि विरोध शांतिपूर्ण तरीके से हो सकता है, लेकिन किसी को भी कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि किसान नेताओं से भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है. खट्टर ने कहा कि जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए उनके करनाल दौरे से पहले सड़कों पर बैरिकेडिंग की और भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

बारिश के पूर्वानुमान को बताया कारण
करनाल के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने किसानों के विरोध के कारण शेड्यूल बदलने के कारण से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि सीएम खट्टर का शेड्यूल बारिश के पूर्वानुमान के कारण बदला है. भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के एक स्थानीय नेता जगदीप सिंह औलख ने कहा कि उन्हें पता चला है कि मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल जाएंगे और किसानों से इसका विरोध करने को कहा.

बीकेयू ने पिछले साल पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है. हालांकि कुछ अधिकारियों ने कहा कि सीएम खट्टर, पहले किसानों के विरोध का सामना कर चुके हैं, करनाल में कोई टकराव नहीं चाहते थे. इसलिए उन्होंने अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने का फैसला किया. बता दें कि हरियाणा में किसान संगठन अलग से जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की योजना बना रहे हैं.

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