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खत्म हो रहा हरियाणवी फिल्मों का कल्चर: यशपाल शर्मा

खत्म हो रहा हरियाणवी फिल्मों का कल्चर: यशपाल शर्मा

हरियाणवी फिल्मों का क्रेज काफी हद तक समाप्त हो गया है। ऐसे में पगड़ी फिल्म को नेशनल स्तर पर अवॉर्ड मिलने से फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा का मानना है कि हरियाणा में काफी अच्छी फिल्में बनी हैं, लेकिन प्रदेश के लोगों का टेस्ट कुछ अजीब है, अब इस टेस्ट को चेंज करने की आवश्यकता है।

हरियाणवी फिल्मों का क्रेज काफी हद तक समाप्त हो गया है। ऐसे में पगड़ी फिल्म को नेशनल स्तर पर अवॉर्ड मिलने से फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा का मानना है कि हरियाणा में काफी अच्छी फिल्में बनी हैं, लेकिन प्रदेश के लोगों का टेस्ट कुछ अजीब है, अब इस टेस्ट को चेंज करने की आवश्यकता है।

हरियाणवी फिल्मों का क्रेज काफी हद तक समाप्त हो गया है। ऐसे में पगड़ी फिल्म को नेशनल स्तर पर अवॉर्ड मिलने से फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा का मानना है कि हरियाणा में काफी अच्छी फिल्में बनी हैं, लेकिन प्रदेश के लोगों का टेस्ट कुछ अजीब है, अब इस टेस्ट को चेंज करने की आवश्यकता है।

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हरियाणवी फिल्मों का क्रेज काफी हद तक समाप्त हो गया है। ऐसे में पगड़ी फिल्म को नेशनल स्तर पर अवॉर्ड मिलने से फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा का मानना है कि हरियाणा में काफी अच्छी फिल्में बनी हैं, लेकिन प्रदेश के लोगों का टेस्ट कुछ अजीब है, अब इस टेस्ट को चेंज करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का टेस्ट हनी सिंह और हल्के स्तर गानों पर आ टिका है, इसे बदलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की संस्कृति को देश तक पहुंचाने के लिए हमें टेस्ट बदलना होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की संस्कृति को पोशाक तक सीमित करके छोड़ दिया है। हरियाणा में अनेक ऐसे मुद्दे है, जिन्हें उठाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जब-जब हरियाणा की फिल्मों की बात होगी, निश्चित तौर पर पगड़ी की बात मदर इंडिया कटैगिरी में होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लड़की और माताओं की दशा इस समय भी ज्यादा अच्छी नहीं है।

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