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Farmers Protest in Karnal: किसानों ने मिनी सचिवालय के सामने बनाया 10 हजार की क्षमता वाला पक्का तंबू

Farmers Protest in Karnal: किसानों ने मिनी सचिवालय के सामने बनाया 10 हजार की क्षमता वाला पक्का तंबू

करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मिनी सचिवालय के सामने स्थायी निर्माण शुरू कर दिया है. (Twitter)

करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मिनी सचिवालय के सामने स्थायी निर्माण शुरू कर दिया है. (Twitter)

Karnal Kisan Mahapanchayat News: करनाल में मिनी सचिवालय के सामने प्रदर्शन स्थल पर स्थायी निर्माण करना शुरू कर दिया है. वहीं आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि किसानों को पुलिस से कोई शिकायत नहीं है. पुलिस वाले भी यहां हमारे साथ सोए थे.

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    करनाल. हरियाणा के करनाल में मिनी सचिवालय (Karnal Mini Secretariat) के सामने मुख्य प्रदर्शन स्थल (Farmers protest site) के अलावा किसान लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं. जहां वे समूहों में डेरा डाले हुए हैं. सुबह किसानों ने मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार के ठीक सामने लगभग 10,000 लोगों की क्षमता वाला एक बड़ा तंबू खड़ा किया. बीती शाम किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर तैयार किये गए पक्के निर्माण की तर्ज पर लोहे के फ्रेम और वाटरप्रूफ कवर के साथ पक्का और स्थायी निर्माण शुरू कर दिया.

    जबकि पुलिस लाठीचार्ज में नाक पर चोट लगने की शिकायत करने वाले गुरजंत विर्क ने कहा कि आज मुझे 10 दिनों के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई और मैं अपने घर जाने के बजाय धरना स्थल पर आया हूं. जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं हो जाती मैं घर वापस नहीं जाऊंगा. सुबह उस इलाके ने एक स्थायी धरना स्थल का रूप ले लिया है, क्योंकि किसानों ने एक बड़ा तम्बू खड़ा कर दिया था. पास के एक मंदिर के लोग लंगर परोसने लगे, और कुछ युवाओं ने चिकित्सा सहायता देने के लिए एक कियोस्क स्थापित किया.

    पुलिस से कोई शिकायत नहीं : टिकैत

    सभा को संबोधित करते हुए एसकेएम नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को पुलिस से कोई शिकायत नहीं है. ‘पिछली रात, पुलिस वाले भी यहां हमारे साथ सोए थे. हमारा दुश्मन यहां मौजूद नहीं है और हमें उसकी साजिशों से सावधान रहना चाहिए.’ मंगलवार शाम किसान नेताओं को गिरफ्तार करने के प्रशासन के कदम पर टिकैत ने कहा कि प्रशासन अनाज मंडी को जेल घोषित कर सकता था. उन्होंने इसके लिए मुंबई का उदाहरण दिया, जहां आजाद मैदान को 50,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों के लिए जेल के रूप में तब्दील कर दिया गया था.’

    टिकैत ने कहा कि ‘अगर करनाल प्रशासन ने ऐसा कर दिया होता, तो हम अपने जानवरों को यहां ला सकते थे. तब भी हमारे लिए एक बड़ी जीत होती.’ कल शाम, प्रदर्शनकारियों ने उस पुलिस बस के टायरों की हवा निकाल दी थी, जिसमें किसान नेता गिरफ्तारी के लिए सवार हुए थे. टिकैत ने यूपी के विपरीत हरियाणा में अफसरशाही और आम आदमी के बीच की खाई की ओर इशारा किया. उन्होंने दावा किया कि यूपी के अधिकारी और पुलिस उनके साथ बातचीत के लिए जमीन पर बैठते हैं.

    दिल्ली सीमा से आंदोलन हटाने की साजिश

    इससे पहले दिन में टिकैत ने कहा कि ‘हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर आंदोलन को दिल्ली सीमा से करनाल में स्थानांतरित करना चाहते हैं. हमने दिल्ली को पांच तरफ से घेर लिया है. वहां बड़ी संख्या में लोग हरियाणा से हैं. हमें सीएम की चाल को समझना चाहिए और दिल्ली की सीमाओं पर भी अपनी लामबंदी जारी रखनी चाहिए.’

    Tags: Haryana Farmers, Haryana news, Karnal lathicharge, Karnal news, Rakesh Tikait

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