• Home
  • »
  • News
  • »
  • haryana
  • »
  • कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का कारनामा, 20 में से दिए 22 नंबर

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का कारनामा, 20 में से दिए 22 नंबर

हरियाणा सरकार ने सितम्बर, 2012 में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में हिंदी विभाग में हुई भर्तियों में बरती गई तथाकथित अनियमितताओं की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं.

हरियाणा सरकार ने सितम्बर, 2012 में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में हिंदी विभाग में हुई भर्तियों में बरती गई तथाकथित अनियमितताओं की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं.

हरियाणा सरकार ने सितम्बर, 2012 में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में हिंदी विभाग में हुई भर्तियों में बरती गई तथाकथित अनियमितताओं की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं.

  • Share this:
हरियाणा सरकार ने सितम्बर, 2012 में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में हिंदी विभाग में हुई भर्तियों में बरती गई तथाकथित अनियमितताओं की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं.

गौरतलब है कि ये भर्तियां कुलपति डॉ. डी.डी.एस. संधु के नेतृत्व में एक चयन समिति द्वारा हिन्दी के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद की लिए की गई थी. हैरानी की बात तो ये है कि इस दौरान साक्षात्कार में चयनित उम्मीदवार वंदना शर्मा को 20 में से 22 अंक दिए गए हैं.

पूरा मामला डॉ. अजायब सिंह की शिकायत के बाद उजागर हुआ. शिकायतकर्ता अजायब सिंह भी इस पद के लिए उम्मीदवार था और उसने विश्वविद्यालय की ओर से लिए गए साक्षात्कार में भाग लिया था. साक्षात्कार के लिए विश्वविद्यालय की चयन समिति के समक्ष कुल 151 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे, जिनमें से डॉ. वन्दना शर्मा का चयन किया गया.

अजायब सिंह ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त सूचना के आधार पर आरोप लगाया कि कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र ने अप्रैल, 2011 में हिन्दी के असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए विज्ञापन दिया था. जिसके लिए सितम्बर, 2012 में साक्षात्कार हुआ, जिसमें डॉ. वन्दना शर्मा का गैरकानूनी एवं अनुचित ढ़ंग से चयन किया गया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि चयनित उम्मीदवार डॉ. वन्दना शर्मा ने 'शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन' के ऑब्जेक्टिव मापदंड में कुल 50 अंकों में से केवल 22 अंक प्राप्त किए लेकिन विषय ज्ञान, जोकि शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन से संबंधित है, में उन्हें 25 में से सर्वाधिक 18 अंक दिए गए. इसके अतिरिक्त, उन्हें साक्षात्कार में 20 में से 22 अंक दिए गए जोकि बिल्कुल समझ से बाहर है.

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन के ऑब्जेक्टिव मापदंड में कुल 50 अंकों में से सर्वाधिक 36 अंक हासिल करने के बावजूद उन्हें 'विषय ज्ञान' में 25 में से केवल 11 अंक दिए गए. शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्हें 100 अंकों में से कुल 65 अंक मिले जबकि डॉ. वन्दना शर्मा का चयन इसलिए हुआ क्योंकि उसे 100 अंकों में से 67 अंक दिए गए थे और उन्हें यह कुल अंक साक्षात्कार में बड़ी ही बेशर्मी से 20 में से 22 अंक दिए जाने के कारण प्राप्त हुए.

प्रवक्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय के चयन मानदण्डों के अनुसार कुल 100 अंकों में से 50 अंक शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन, के लिए जबकि 30 अंक विषय ज्ञान एवं अध्ययन कौशल और 20 अंक साक्षात्कार के लिए निर्धारित किए गए थे. श्किायतकर्ता ने आरोप लगाया कि साक्षात्कार में चयनित उम्मीदवार को एवं उसे दिए गए अंकों का अंतर यह सिद्घ करता है कि चयन समिति के सदस्य हर कीमत पर डॉ. वन्दना शर्मा का चयन करने पर आमादा थे.

 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज