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लोकसभा चुनाव 2019: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से बीजेपी और कांग्रेस टिकट के 3-3 दावेदार

टिकट की टक्कर

टिकट की टक्कर

कुरूक्षेत्र का मैदान अतीत में धर्म युद्ध का गवाह बन चुका है. ऐसा कहा जाता है कि द्वापर युग में कौरवों और पांडवों के बीच महायुद्ध कुरूक्षेत्र की सरजमी पर ही हुई थी.

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सत्ता के सबसे बड़े संग्राम का ऐलान-ए-जंग कुरुक्षेत्र से हुआ है. ऐलान-ए-जंग में बीजेपी ने बाजी मारी है. हालांकि बाकी दल भी खुद को पीछे नहीं मान रहे. कुरुक्षेत्र का मैदान अतीत में धर्म युद्ध का गवाह बन चुका है. ऐसा कहा जाता है कि द्वापर युग में कौरवों और पांडवों के बीच महायुद्ध कुरुक्षेत्र की सरजमी पर ही हुई थी. वो त्रेता युग की बात थी और ये कलयुग है.

21वीं सदी के इस दौर में राजनीति के महायुद्ध की रणभेरी भी कुरुक्षेत्र से बजी है और सियासत की जंग का ऐलान करने खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे. हरियाणा की धरती से शंखनाद करने वाले नरेंद्र मोदी ये हरियाणा की अवाम को ये एहसास दिलाने की कोशिश की कि पिछली बार भी उन्होंने शंखनाद हरियाणा से ही किया था.

बीजेपी ने खुद को सियासी रण में सबसे आगे रखा



लोकसभा चुनाव का बिगुल बजाकर फिलहाल बीजेपी ने खुद को सियासी रण में सबसे आगे रखा है. लेकिन बाकी दल भी खुद को पीछे नहीं मान रहे हैं. कांग्रेस-जेजेपी और इनेलो लोकसभा चुनाव के लिए तैयार हैं.
2104 में मोदी की रैली बदला था सियासी फिजाओं का रुख

2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी की रैली ने ही सियासी फिजाओं का रूख अपनी ओर मोड़ लिया था. लेकिन पांच साल बाद अब समीकरण वैसे नहीं हैं और कुरुक्षेत्र में बीजेपी की राह में सबसे बड़ा रोड़ा खुद पार्टी सांसद राजकुमार सैनी बने हुए हैं ऐसे में इस बार कुरुक्षेत्र का युद्ध कौन जीतेगा फिलहाल कहना मुश्किल है.



देश में अलग पहचान रखता है कुरुक्षेत्र

कुरुक्षेत्र देश में अलग पहचान रखता है. धर्म के लिहाज से दुनिया के नक्शे पर कुरुक्षेत्र का अलग स्थान है. ऐसी धारणा है कि द्वापर युग में महाभारत की लड़ाई कुरुक्षेत्र की सरजमी पर लड़ी गई थी. ऐसा माना जाता है कि कुरुक्षेत्र में स्थित ज्योतिसर में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था. कुरुक्षेत्र देश का अहम हिंदू तीर्थ स्थल है. कुरुक्षेत्र जिला हरियाणा के उत्तर में स्थित है. कुरुक्षेत्र जिला एक मैदानी क्षेत्र है, जिसके 88 प्रतिशत हिस्से पर खेती की जाती है. कुरुक्षेत्र बासमती चावल के उत्पादन के लिए जाना जाता है.

कुरुक्षेत्र लोकसभा में आती हैं 9 विधानसभा सीटें

कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में नौ विधानसभा सीटें आती हैं जिसमें रादौर, लाडवा, शाहाबाद, थानेसर, पिहोवा, गुहला, कलायत, कैथल, पूंडरी विधानसभा क्षेत्र आते हैं. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में कुल 6,73,278 वोटर हैं जिसमें 3,55,069 पुरूष वोटर और 3,18,206 महिला वोटर शामिल हैं.



2014 में राजकुमार सैनी को मिली थी जीत

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार राजकुमार सैनी को जीत मिली थी. राजकुमार सैनी ने इनेलो उम्मीदवार बलबीर सैनी को शिकस्त दी थी. इस चुनाव में राजकुमार सैनी को 4,18,112 वोट और इनेलो उम्मीदवार बलबीर सैनी को 2,88,376 वोट मिले थे.

इस बार कौन से नेता है टिकट की रेस में आगे

कुरुक्षेत्र में किस दल से कौन नेता टिकट की कतार में है. कौन क्या समीकरण भिड़ा रहा है. सबसे पहले बात बीजेपी की. बीजेपी से नायब सैनी, पवन सैनी और गुरदयाल सुनहेड़ी टिकट की रेस में हैं. कांग्रेस की बात करें तो दो बार सांसद रहे नवीन जिंदल का नाम है. साथ ही पार्टी अपने दिग्गज चेहरे रणदीप सुरजेवाला पर दांव लगा सकती है. इसके अलावा शमशेर कश्यप भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं. वहीं चौटाला परिवार में विवाद के बाद जन्मी पार्टी JJP से सरदार जसविंद्र सिंह खैहरा का नाम सामने आ रहा है. हालांकि थोड़े ही दिनों में कुछ और नेता अपनी दावेदारी जता सकते हैं.

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