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हरियाणा: पराली जलाने वालों पर सख्ती शुरू, कुरुक्षेत्र में कृषि विभाग ने 330 किसानों पर लगाया जुर्माना

हरियाणा: पराली जलाने वालों पर सख्ती शुरू, कुरुक्षेत्र में कृषि विभाग ने 330 किसानों पर लगाया जुर्माना

पराली जलाने (Stubble Burninig) का काम हर साल दिवाली के आसपास होता है जो भारी प्रदूषण का कारण बनता है. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

पराली जलाने (Stubble Burninig) का काम हर साल दिवाली के आसपास होता है जो भारी प्रदूषण का कारण बनता है. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

Stubble burning in Haryana: करनाल में सबसे ज्यादा 689 जगहों पर पराली जली है. यहां इस मामले में दूसरे नंबर पर कैथल है जहां पर 683 जगहों पर पराली जलाई गई है. कुरुक्षेत्र 418 घटनाओं के साथ इस मामले में तीसरे नंबर पर है. उधर सरकारी वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी ‘सफर’ के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 36 प्रतिशत रहा, जो इस मौसम में अब तक का सबसे अधिक उत्सर्जन है.

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    कुरुक्षेत्र. हरियाणा और पंजाब (Haryana and Punjab) के किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं, जिससे सरकार और कृषि वैज्ञानिकों की तमाम कोशिशें नाकामयाब साबित हो रही हैं. वहीं सरकार ने अब पराली जलाने (Stubble Burning) वाले किसानों पर सख्ती करनी शुरू कर दी है. प्रदेश के कुरुक्षेत्र जिले में फसल अवशेषों में आग लगाने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाया जा रहा है. कृषि विभाग द्वारा अब तक 330 लोगों के चालान कर 6 लाख 95 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

    उपायुक्त मुकुल कुमार ने कृषि विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए कहा कि हरसेक के माध्यम से 476 और अन्य माध्यमों से 69 सहित कुल 545 आग लगाने से संबंधित घटनाएं सामने आई है. इन सभी लोकोशनों पर कृषि विभाग की टीमें पहुंची.

    उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की टीमों ने कृषि भूमि पर 375 जगहों पर आग लगने की पुष्टि की है. इसके साथ ही अब तक कृषि विभाग की तरफ से 330 चालान किए जा चुके है और इन चालानों के माध्यम से 6 लाख 95 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है. कुरुक्षेत्र में सभी टीमें दिन-रात फानों में आग लगाने वालों पर नजर रखे हुए है.

    सभी का प्रयास है कि कुरुक्षेत्र में फानों में आग ना लगाने दी जाए और जो आग लगाने का प्रयास करे उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाए. उन्होंने अधिकारियों को सख्त आदेश दिए है कि कुरुक्षेत्र में सभी टीमों एक्टिव मोड़ में रहेगी और जो भी आदेशों की अवहेलना कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए.

    केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट बताती है कि इस साल पराली जलाने की घटनाएं 2020 के मुकाबले काफी कम हैं. इसी साल 15 सितंबर से 1 नवंबर तक पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और एमपी में 20729 जगहों पर पराली जलाई गई है. ये 2020 के मुकाबले 54.8 फीसदी कम है.

    Tags: Haryana Farmers, Kisan, Stubble Burning

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