झज्जर: शहर में घूम रहे गोवंश को हटाने के लिए वकीलों ने खटखटाया अदालत का दरवाजा, आठ को होगी सुनवाई
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झज्जर: शहर में घूम रहे गोवंश को हटाने के लिए वकीलों ने खटखटाया अदालत का दरवाजा, आठ को होगी सुनवाई
झज्जर की सड़क पर बैठा गोवंश.

सड़क पर आवारा घूमने वाले गोवंश (Cattle) से आम नागरिकों को मुक्ति दिलाने के लिए वकीलों (Lawyers) ने अदालत (Court) का दरवाजा खटखटाया है. इस मामाले की सुनवाई आठ सितंबर को होनी है.

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  • Last Updated: September 6, 2020, 7:33 PM IST
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झज्जर. सड़क पर आवारा घूमने वाले गोवंश (Cattle) से आम नागरिक परेशान हो चुके हैं. लोग समय रहते कई बार जनप्रतिनिधियों से गोवंश को सड़क से हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग का कोई हल नहीं निकला. इसके बाद हाल यह है कि सड़क में आज गोवंश ज्यादा और आदमी कम नजर आते हैं. अब इनसे परेशान होकर वकीलों (Lawyer) ने अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है. वकीलों द्वारा अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद मामला सक्रिय हो गया है. जबकि गोवंश लंबे समय से न केवल आवारा घूम रहा है, बल्कि हादसों का भी कारण बन रहा है.

वहीं दूसरी तरफ खबर है कि जल्द ही सरकार राजस्थान और अन्य राज्यों से हरियाणा में आने वाले पशुओं के प्रवेश को रोकने की तैयारी कर रही है. जानकारी के अनुसार राजस्थान और अन्य राज्यों से गोधन को लेकर बहुत से चरवाहे गाय आदि पशु लेकर हरियाणा में आते हैं. इसी दौरान रास्ते में पशुओं के बेड़े से आवारा सांडों और बीमार पशुओं को बाहर निकाल देते हैं, जो बाद में हरियाणा के सड़कों पर आवारा घूमते रहते हैं. ज्यादातर पशुधन दूसरे राज्यों से आने वाले पशु चरवाहों द्वारा यहां छोड़ा जा रहा है और आवारा पशु घूमते रहते हैं. हरियाणा की सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु हरियाणा नस्ल के पशुधन से मेल भी नहीं खाते हैं.





सड़कों पर घूमने वाले पशु हरियाणा के नहीं हैं
हरियाणा में किसानों और पशुपालकों द्वारा उच्च नस्ल के पशुओं को ही पाला जाता है. शहर की सड़कों पर घूमते आवारा गोधन हरियाणवी नस्लों के ना होकर अन्य राज्यों से आए हुए गोधन है यह गोधन या तो बड़े शहरों से लाकर छोटे शहरों में छोटा जाता है या अन्य राज्यों से आने वाले चरवाहे इसको यहां पर छोड़ जाते हैं. वहीं बात की जाए तो शहर में बंदर और कुत्तों की भी भरमार है जो कि शहर की सड़कों पर आराम से घूमते हुए देखे जा सकते हैं जो कि वाहन चालकों के लिए खासकर दो पहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा हैं.
आठ सितंबर को इस मामले में होगी सुनवाई
बता दें कि अभी तक हरियाणा प्रदेश में करीब ढाई सौ लोग आवारा पशुओं की वजह से अपनी जान गवा चुके हैं. गौरतलब है कि हर समस्या अकेले झज्जर कि नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है लगातार अन्य शहरों से भी आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं के भी समाचार हर रोज मिलते रहते हैं, लेकिन सरकार या प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है. झज्जर के अधिवक्ता नरेश शर्मा और उसके अन्य दो साथियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता रजनीश शर्मा के मार्फत नेहा यादव सिविल जज झज्जर के कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की जिसमें आवारा पशुओं और बंदर के बारे में अवगत कराया गया है. प्राथमिकी के बाद कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई शुरू कर दी है आगामी आठ सितंबर को इस मामले पर सुनवाई होगी. गौर करने वाली बात है अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने इस पूरे मामले में उपायुक्त झज्जर मुंसिपल कमिश्नर झज्जर और नगर पालिका सचिव को पार्टी बनाकर सभी को चकित कर दिया.

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