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ममता ने पहले प्रयास में क्लियर किया था एग्जाम, लेकिन IAS बनने का सपना था अधूरा, इस बार देश में 5वीं रैंक

ममता ने पहले प्रयास में क्लियर किया था एग्जाम, लेकिन IAS बनने का सपना था अधूरा, इस बार देश में 5वीं रैंक

महेंद्रगढ़ के छोटे से गांव बसई की बेटी ममता ने यूपीएससी में देशभर में 5वीं रैंक हासिल की है.

महेंद्रगढ़ के छोटे से गांव बसई की बेटी ममता ने यूपीएससी में देशभर में 5वीं रैंक हासिल की है.

UPSC 2020 Results : ममता यादव ने परीक्षा की पहली सीढ़ी से ही टॉपर बनने का सपना देखा था. इसके लिये ममता ने 4 साल पहले से ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी. साल 2019 में ममता ने देशभर में 556वीं रैंक हासिल की, लेकिन उनका सपना IAS बनने का था.

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  • News18Hindi
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    महेन्द्रगढ़. हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले के छोटे से गांव बसई की बेटी ममता यादव ने सिविल सर्विस एग्जाम (UPSC) तो पहले ही प्रयास में क्लियर कर लिया था, लेकिन मन में IAS बनने का सपना अधूरा रह गया था. ममता भी कहां हार मानने वाली थीं, उन्होंने सपने को पूरा करने के लिये दिन में 10 से 12 घंटे तक की मेहनत शुरू कर दी. आखिर उनकी मेहनत रंग लाई और वो दिन ही आ गया, जिसका उन्हें इंतजार था. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की 2020 की परीक्षा में ममता ने देशभर में 5वीं रैंक हासिल की है.

    ममता ने इसका पूरा श्रेय अपने गुरुजनों, पिता अशोक कुमार, माता सरोज देवी, चाचा विजय कुमार और सत्यनारायण, भाई महेश यादव सहित पूरे परिवार को दिया है. ममता यादव का कहना है कि कड़ी मेहनत और लगन से खुद के बनाए कठिन से कठिन लक्ष्य को भी पूरा किया जा सकता है. बसई गांव निवासी ममता यादव के पिता अशोक यादव एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और उनकी मां सरोज यादव गृहिणी हैं. ममता की पूरी पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है. 12वीं तक की पढ़ाई ममता यादव ने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश के बलवंत राय मेहता स्कूल से की, फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है.

    4 साल से परीक्षा की तैयारी कर रही थीं
    परीक्षा की पहली सीढ़ी से ही टॉपर का खिताब लिए उंची उड़ान का सपना देखने वाली ममता यादव 4 साल से सिविल सर्विस की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. वर्ष 2019 में ममता यादव ने देशभर में 556वीं रैंक हासिल की, लेकिन उनका सपना IAS बनने का था. माता-पिता ने हौसला बढ़ाया और एक बार फिर ममता अपनी तैयारी में जुट गई थीं.

     टॉपर बनने के लिए की 10-12 घंटे की पढ़ाई
    पहले ममता 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करती थीं, लेकिन टॉपर बनने के लिए इस बार 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की. UPSC के लिए ममता यादव ने ज्यादातर सेल्फ स्टडी की. शुक्रवार को जब परीक्षा का परिणाम आया तो ममता यादव व उसके परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. ममता यादव ने इस मुश्किल भरी परीक्षा में देशभर में 5वीं रैंक पाकर परिवार ही नहीं, बल्कि क्षेत्र का नाम भी रोशन किया. ममता यादव इससे पहले SSC की परीक्षा भी पास कर चुकी हैं.

    Tags: Haryana news, UPSC, UPSC results

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