लाइव टीवी

सरपंच की दबंगई के कारण एक साल बाद 60 घरों को नसीब हुई बिजली

Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: May 17, 2018, 9:38 AM IST
सरपंच की दबंगई के कारण एक साल बाद 60 घरों को नसीब हुई बिजली
प्रतिकात्मक तस्वीर

एसडीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि सरपंच अशरफ के इशारे पर घासेड़ा गांव के तबेला मेहल्ला में करीब एक साल से कुछ लोग 60 घरों को बिजली बहाल करने में रोड़ा बने हुए थे.

  • Share this:
नूंह जिले के ऐतिहासिक गांधी ग्राम घासेड़ा  में सरपंच की दबंगई के चलते एक साल बाद पुलिस-बिजली विभाग के अलावा जिला प्रशासन के सख्त रुख के कारण बिजली नसीब हो पाई. शुरुआत में तो पोल और तार खींचने गई टीम को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन इस बार प्रशासन आर - पार के मूड में था.

आख़िरकार प्रशासन के तल्ख़ तेवर देखते हुए विरोध कर ग्रामीणों को औंधे मुंह की खानी पड़ी. प्रशासन की टीम करीब सुबह ग्यारह बजे दलबल के साथ पहुंची और देर शाम बिजली आपूर्ति बहाल करके ही लौटी. आरोप है कि तार और पोल नहीं गाड़ने का विरोध कर रहे लोगों को सरपंच अशरफ का पूरा आशीर्वाद प्राप्त था. बिजली-पुलिस विभाग इस बार सख्त इसलिए था कि इससे पहले करीब पांच बार ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम को निराश होकर लौटना पड़ा था.

प्राप्त जानकारी के अनुसार घासेड़ा गांव में तबेला मौहल्ला के करीब 60 घरों को पिछले करीब एक साल से बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही थी. पीड़ित ग्रामीण बार-बार बिजली विभाग के अधिकारीयों के पास अपनी गुहार लेकर जाते रहे. बिजली विभाग ने कई बार बिजली आपूर्ति बहाल करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन निराशा ही हाथ लगी.

चंद दिनों पहले नियुक्ति पाने वाले एसडीओ बिजली विभाग नूंह प्रमोद कुमार के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने 60 घरों को बिजली आपूर्ति बहाल करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया. कार्यकारी अभियंता बिजली विभाग से लेकर डीसी अशोक कुमार शर्मा के संज्ञान में मामला लाया गया. आला अधिकारियों ने मंगलवार का दिन बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए चुना.

डयूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार, एसडीओ के अलावा एसएचओ दलबल के साथ घासेड़ा गांव पहुंच गए. महिलाओं के कई बार विरोध को देखते हुए महिला पुलिस का इंतजाम भी किया गया था. कार्रवाई के दौरान हल्का सा विरोध हुआ, बिजली के पोल भी जल्दबाजी के चक्कर में टूट गए, लेकिन बिजली विभाग- पुलिस इस बार आपूर्ति बहाल करने की ठान चुके थे.

एसडीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि सरपंच अशरफ के इशारे पर घासेड़ा गांव के तबेला मेहल्ला में करीब एक साल से कुछ लोग 60 घरों को बिजली बहाल करने में रोड़ा बने हुए थे. कई बार विभाग और प्रशासन की टीम को निराशा भी हाथ लगी, लेकिन इस बार कामयाबी मिली. हमें ख़ुशी है कि एक साल से अंधेरे में रह रहे ग्रामीणों को बिजली नसीब हो गई. वहीं पीड़ित परिवारों ने प्रशासन और सरकार का बिजली आपूर्ति बहाल करने पर आभार जताया है.

मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूर है घासेड़ा गांव
Loading...

दिल्ली -अलवर राजमार्ग पर जिला मुख्यालय नूंह शहर से महज सात किलोमीटर दूर ऐतिहासिक गांधी ग्राम घासेड़ा की पहचान पूरे प्रदेश में ही नहीं देशभर में है. आजादी के समय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रणबीर सिंह के अलावा मेव नेता चौधरी यासीन खान के अलावा अपने साथियों के साथ घासेड़ा गांव पहुंचे थे और उन्होंने पाकिस्तान जा रहे लोगों को अपने वतन में रुकने की बात कही थी. इस गांव को तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सात करोड़ रुपये मॉडल विलेज बनाने के लिए दिए. गांव की आबादी करीब 25 हजार से अधिक है. करोड़ों खर्च होने के बाद भी गांव के 60 घरों में कुछ नकारा अधिकारियों की वजह से एक साल से अंधेरा पसरा हुआ था.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मेवात से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 17, 2018, 9:38 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...