करोड़ों खर्च होने के बावजूद मेवात के खेल स्टेडियम हैं जर्जर हालत में

मीडिया में लगातार मामला उठाया गया तो खेल मंत्री अनिल विज ने स्टेडियम की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये की राशि भेज दिए लेकिन स्टाफ की नियुक्ति और सुविधाओं की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया.

Qasim Khan | News18 Haryana
Updated: February 25, 2019, 8:42 PM IST
करोड़ों खर्च होने के बावजूद मेवात के खेल स्टेडियम हैं जर्जर हालत में
कुछ ऐसा है मेवात में बने एक खेल स्टेडियम का हाल
Qasim Khan | News18 Haryana
Updated: February 25, 2019, 8:42 PM IST
खंडहर हो चुके राजीव गांधी खेल परिसर की हालत सुधारने पर भले ही खेल विभाग ने करोड़ों की राशि खर्च कर भवन की हालत बेहतर की हो लेकिन स्टाफ की नियुक्ति से लेकर सुविधाओं की तरफ  इस महकमे का कतई कोई ध्यान नहीं है. यहां न कोच है, न बिजली है और न पानी है. खेल का सामान तक नहीं है. मैदान समतल नहीं है. हद तो यह है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में बने इन खेल परिसरों का उद्घाटन तक नहीं हुआ है. उद्घाटन से पहले ही स्टेडियम की हालत बद से बदतर हो चुकी है.वहीं मेवात जिले को वजूद में आए करीब 13 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन अभी तक क्रिकेट सहित कई जिला इकाईयों को मान्यता तक नहीं मिल पाई है.

मीडिया में लगातार मामला उठाया गया तो खेल मंत्री अनिल विज ने मेवात के सभी स्टेडियम की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये की राशि भेज दिए  लेकिन स्टाफ की नियुक्ति और सुविधाओं की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया. स्टाफ की कमी की वजह से खेल विभाग का इन खेल परिसरों पर कोई ध्यान नहीं रहता. उबड़-खाबड़ मैदान होने की वजह के साथ-साथ कोच और ग्राउंड्समैन तो दूर चौकीदार-चपरासी तक की नियुक्ति खेल परिसरों में नहीं की गई. तत्कालीन सरकार में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तो हुए लेकिन स्टाफ की कमी पर किसी ने नहीं सोचा.



नूंह मेवात जिले में तक़रीबन 6 खेल स्टेडियम बनाए गए हैं. इनकी हालत खेलने तो दूर देखने लायक तक कई वर्षों में नहीं रही, खेल विभाग और जिले के लोग सरकार से लगातार खेल स्टेडियमों की कायापलट से लेकर स्टाफ की नियुक्ति की मांग करते रहे हैं. इसके बाद करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपये की राशि भेजी गई. खेल विभाग ने पंचायती राज विभाग को उपरोक्त राशि भेजकर पिनगवां सहित कई खेल परिसर पर नवीनीकरण का काम कराया जा सका. जिले में पिनगवां, नगीना, फिरोजपुर झिरका, मोहम्मदपुर इत्यादि गांवों के खेल परिसर बनाए गए हैं.

मेवात के बाद में जिला बने पलवल को भी क्रिकेट सहित कई खेलों की जिला इकाई को मान्यता मिल चुकी है. मेवात से नूंह हुए जिले की खेल इकाइयों को मान्यता नहीं दी गई है. पिनगवां खेल स्टेडियम में एसीए क्रिकेट अकेडमी पलवल के कोच अमित दिवेदी करीब 15 बच्चों को क्रिकेट के गुर सिखाने आते हैं लेकिन खेल विभाग के उदासीन रवैये से वो भी चिंतित हैं. उनका मानना है कि मेवात में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन उनको तराशने वाले संसाधन यहां उपलब्ध नहीं हैं.

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