बरसाती पानी से दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल खराब

बरसाती पानी कई किलोमीटर दूर से बहकर खेतों में ठहर जाता है. करीब तीन महिने तक आने वाला बरसात का पानी गुलालता गांव के आस पास के खेतों में खड़ा रहता है.

Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: September 13, 2018, 5:38 PM IST
बरसाती पानी से दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल खराब
बरसाती पानी से किसान परेशान
Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: September 13, 2018, 5:38 PM IST
नूंह जिले के पुन्हाना उपमंडल के दर्जन भर गावों के किसान इन दिनों पूरी तरह से परेशान है. परेशानी का कारण खेतों में बरसात के पानी के जमा होने से धान की फसल खराब हो चुकी है. गांवों के किसान पिछले 15 सालों से प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपना दुखड़ा रोते रहे लेकिन प्रशासनिक अधिकारी है कि सुनते ही नहीं और ना ही कभी ग्रामीणों की समस्या की ओर कोई  ध्यान दिया.

अधिकारियों की लापरवाही के कारण हर वर्ष फसल बर्बाद हो रही है तो यहां का किसान कर्जदार होता जा रहा है. प्रशासन द्वारा समस्या को समाधान करना तो दूर बरसाती पानी के कारण खराब फसलों को आज तक कोई मुआवजा तक नहीं दिया गया.  बरसात के  पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित गुलालता गांव है.

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जहां पर बरसाती पानी कई किलोमीटर दूर से बहकर खेतों में ठहर जाता है. करीब तीन महिने तक आने वाला बरसात का पानी गुलालता गांव के आसपास के खेतों में खड़ा रहता है. जलभराव के कारण धान, ज्वार और बाजरे की फसल तो खराब हो ही गई है, साथ ही ग्रामीणों को अब बिमारियां फैलने का डर सता रहा है.

किसानों के पास गेंहू की फसल के लिये भी कोई विकल्प नहीं है. जलभराव के कारण हालत इतने खराब है कि अगर गांव में किसी की मौत हो जाती है तो कब्रिस्तान में जलभराव के कारण मुर्दे को गुडगांव कैनाल की पटरी पर दफनाया जाता है.
First published: September 13, 2018, 5:34 PM IST
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