दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि देने से किसानों ने किया इंकार
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि देने से किसानों ने किया इंकार
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि देने से किसानों ने किया इंकार

मेवात में बीते बुधवार को उपरोक्त मार्ग के लिए अधिकृत की गई भूमि का ऐलान करने पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारियों को क्षेत्र के किसानों का विरोध का सामना करना पड़ा.

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हरियाणा के नूंह मेवात जिले से निकलने वाली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पहले क्षेत्र के किसानों ने रोड़ा अटका दिया है. इसी क्रम में बीते बुधवार को उपरोक्त मार्ग के लिए अधिकृत की गई भूमि का ऐलान करने पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारियों को क्षेत्र के किसानों का विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान डीआरओ बस्तीराम ने जैसे ही गांवों के अलग-अलग मुआवजा राशि का ऐलान किया, तो किसान भड़क गए. किसानों ने सरकार की उपरोक्त प्रणाली के तहत दिए जाने वाले मुआवजे का विरोध करते हुए अधिकारियों को वापस लौटा दिया.

किसानों के विरोध के चलते नूंह से आए अधिकारी अपना बोरिया बिस्तर समेट कर वापस चले गए. मुआवजा राशि कम मिलने पर किसानों ने यहां किसान मुआवजा संघर्ष समिति का गठन कर गुड़गांव और नूंह की तर्ज पर मुआवजे की मांग की है.

किसान संघर्ष समिति के सदस्य एवं सरपंच हामिद, रोहताश सरपंच, मोहम्मद इखलास इंजीनियर, बलबीर सरपंच, आरिफ ठेकेदार, जुबेर खान आदि ने बताया कि डीआरओ ने यहां के सिविल रेस्ट हाउस में चित्तौड़ा गांव के लिए 51 लाख, अगोन के लिए 45 लाख जबकि पथराली के लिए 38 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की घोषणा की. समिति के सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र के किसानों के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार दोगला व्यवहार कर रही है. उनका कहना है कि अगर सरकार को क्षेत्र के किसानों को मुआवजा देना है तो वो नूंह की तर्ज पर उन्हें मुआवजा दे. अन्यथा वो अपनी एक ईंच भी भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए नहीं देंगे.



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