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ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान, जमीन पर बिछी सफेद चादर

Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: December 13, 2019, 10:22 AM IST
ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान, जमीन पर बिछी सफेद चादर
किसानों की चिंता बढ़ी

खेतों (Fields) में सरसों के पीले फूल और गेहूं के हरियाली अभी पूरी तरह से अपने यौवन पर भी नहीं आई थी कि कुदरत ने चंद मिनटों में किसान (Farmers) को हिला कर रख दिया.

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नूंह. अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे किसानों (Farmers) को कुदरत की ऐसी मार लगी कि चंद मिनटों में उनकी सरसों और गेहूं इत्यादि की फसलें जमीन पर बिछ गई. आसमान से जमकर ओला (Hailstorm) गिरने लगे तो धरती पूरी तरह से सफेद हो गई. गरीबों की झुग्गी, झोपड़ियां तो दूर पक्के मकानों में भी ओलावृष्टि की सफेद चादर देखने को मिली.

लगातार तकरीबन 5 से 10 मिनट तक पिनगवां इलाके में आसमान से बरसात की बजाय सूखे ओलों की बारिश होने लगी. आवाज इतनी तेज थी कि लोग सन्न रह गए. इस ओलावृष्टि से किसान की पूरी तरह से कमर टूट गई. कृषि पर आधारित किसान इस बार फसलों के उत्पादन की उम्मीद कर रहा था.

किसानों ने की मुआवजे की मांग

खेतों में सरसों के पीले फूल और गेहूं के हरियाली अभी पूरी तरह से अपने यौवन पर भी नहीं आई थी कि कुदरत ने चंद मिनटों में किसान को हिला कर रख दिया. जिले के किसानों ने ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान की गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा देने की मांग सरकार से की है. ओलावृष्टि से न केवल फसलों को नुकसान हुआ बल्कि सूखे ओलों की बरसात में किसान अपने पशुओं को भी जल्दबाजी में अंदर नहीं बांध नही पाया.

किसानों ने की मुआवजे की मांग


ओलावृष्टि के बाद अब सताएगा का सर्दी का सितम

बेजुबान पशुओं ने भी इस दर्द को बड़ी नजदीकी से देखा और सहा. कुल मिलाकर किसान को इस बार सरकार की नहीं कुदरत की मार ने ऐसा हिला कर रख दिया कि वह इस घटना को लंबे समय तक नहीं भुला पाएगा. अब न केवल फसलें खराब होने से किसान मायूस और परेशान हैं बल्कि ओलावृष्टि के बाद सर्दी का सितम भी अब गरीबों को सताएगा.

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First published: December 13, 2019, 10:22 AM IST
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