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हरियाणा के किसान ने की तुर्की के बाजरा की खेती, 4 दिन की बारिश के बाद भी नहीं हुआ खराब

बाजरा को देखने के लिए अभी भी लोगों का आने-जाने का सिलसिला थमा नहीं है.

बाजरा को देखने के लिए अभी भी लोगों का आने-जाने का सिलसिला थमा नहीं है.

इस 14 फुट के बाजरे को देखने के लिए ग्वालियर से बल्लू नाम का व्यक्ति भी पहुंच गया और तुर्की के बाजरे को देखकर काफी खुश न ...अधिक पढ़ें

मेवात. हरियाणा के मेवात जिले में पिछले 4 दिनों से हो रही लगातार बारिश थम चुकी है, लेकिन किसानों के माथे पर  चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं. ज्वार बाजरा इत्यादि की फसलें खराब हो चुकी है लेकिन तुर्की से आया बाजरा सुर्खियां बटोर रहा है. तुर्की बाजरा के 14 फुट की लंबाई अधिक होने की वजह से लुढ़क गया है. किसान ने कहा कि बरसात की वजह से थोड़ा फसल पर फर्क पड़ा है, लेकिन खराब नहीं हुआ है. फिलहाल बाजरा को देखने के लिए अभी भी लोगों का आने-जाने का सिलसिला थमा नहीं है. लोग किसान के पास रोजाना सैकड़ों की तादाद में बाजरे के बीज के लिए कॉल कर रहे हैं.

इतना ही नहीं इस बाजरे को देखने के लिए ग्वालियर से बल्लू नाम का व्यक्ति भी पहुंच गया और तुर्की के बाजरे को देखकर काफी खुश नजर आया. किसान ने कहा कि बाजरे के उठान के बाद बीज की सप्लाई इलाके के लोगों को कर दी जाएगी ताकि यहां के किसान बाजरे की फसल से अच्छा मुनाफा कमा सकें.

आपको बता दें कि नूंह जिले के झिमरावट गांव का किसान देश भर में सुर्खियां बटोर रहा है. किसान ने ऑनलाइन तुर्की से बाजरे के बीज का पैकेट तकरीबन 700 रूपए में मंगवाया. 1 किलो बाजरे का बीज का यह पैकेट अब मेवात की नहीं बल्कि देशभर के किसानों में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. झिमरावट गांव के बंदरबास में तैयब नाम के किसान ने तुर्की से जो बाजरे का 1 किलो बीच मंगवाया था, इस बाजरे के पेड़ की लंबाई तकरीबन 14 फुट है. इतना ही नहीं इस बाजरे के पेड़ में करीब 5 फुट बाल यानि बाली की लंबाई है.

अक्सर बाजरे में एक-दो  फुट की बाल आती है, लेकिन बाजरे की लंबाई व बाल की लंबाई के बारे में सुनकर इलाके के किसान इस बाजरे की फसल को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. किसान के बेटे तासिम ने पढ़ाई का फायदा उठाते हुए ऑनलाइन तुर्की से बाजरे का बीज मंगवाया और एक किला पट्टे पर लेकर उसमें बाजरे की बिजाई कर दी. कम बरसात के बावजूद भी इस 1 एकड़ बाजरे में अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है. खास बात यह है कि बाजरे की लंबाई की वजह से पशुओं के लिए चारे का भी पर्याप्त प्रबंध है.

अब तक इलाके में बाजरे की लंबाई के साथ-साथ उस में आने वाली बाल की करीब 5 फुट लंबाई आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. बाजरे की फसल पकने को है, उसके बाद ही 1 एकड़ में कितना उत्पादन होगा इसका आकलन किया जा सकेगा. लेकिन फसल को देखकर किसान खासा खुश है और यही कह रहा है कि अगर अच्छी पैदावार हुई तो इस किस्म के बाजरे को ज्यादा से ज्यादा पैदा किया जाएगा ताकि जिले के किसानों के घरों में आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर खुशहाली आ सके. किसानों की कई – कई पीढ़ियों ने भी बाजरे की ऐसी खेती नही देखी.

Tags: Farmers, Haryana news

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