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सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई शुरू, अनाज मंडी में कई दिन से डेरा डाले हैं किसान

ETV Haryana/HP
Updated: March 19, 2018, 6:05 PM IST
सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई शुरू, अनाज मंडी में कई दिन से डेरा डाले हैं किसान
अनाज मंडी में सरसों लेकर पहुंचा किसान

मार्केट कमेटी के अधिकारियों से लेकर किसानों को सरकारी खरीद शुरू होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार है. ऑक्शन रिकॉर्डर के मुताबिक, उन्होंने डीसी नूंह को सरकारी खरीद के संबंध में पत्र भी लिखा हुआ है, लेकिन अभी तक आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं.

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अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान परेशान है. परेशानी की वजह है कैश क्रॉप सरसों की फसल की अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं होना. किसान अच्छे भाव की उम्मीद लेकर अनाज मंडी में सरसों लेकर पिछले कई दिनों से पहुंच रहा है. लेकिन सरसों को खरीददार नहीं मिल रहे. आढ़ती किसान की मज़बूरी का लाभ उठाकर ओने - पौने दामों पर सरसों खरीदकर अपने गोदाम भर रहे हैं. जिस किसान को रुपये की जरूरत है, वह तो मज़बूरी में सस्ते दामों पर सरसों बेच रहा है, लेकिन जो शिक्षित और सम्पन्न किसान है. वह फसल को ट्राली में भरकर वापस ले जाने को मजबूर है.

अनाज मंडी में फसल पहुंचने से पहले इंतजामों से लेकर खरीद को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन किसान के मंडी में पहुंचते ही दावों की हवा निकलती दिखाई देती है. किसानों के मुताबिक, करीब चार हजार प्रति क्विंटल के सरसों के भाव हैं, लेकिन 3000-3600 रुपये के हिसाब से आढ़ती फसल को खरीद रहे हैं.

नमी का बहाना भी किसान की कमाई पर भारी पड़ रहा है. आगामी 1 अप्रैल से गेंहू की फसल भी अनाज मंडी में आने वाली है. गत वर्ष 2017 में 12407 क्विंटल सरसों की आवक हुई तो चार लाख 23 हजार करीब मार्केट फ़ीस प्राप्त हुई. इस बार अच्छी पैदावार हुई है, किसी प्रकार का रोग भी सरसों की फसल में इस बार नहीं है.

किसान बखूबी जानते हैं कि आढ़ती सस्ते दामों में फसल खरीद रहे हैं, लेकिन कुछ तो मज़बूरी में बेचने को मजबूर हैं. कुछ मेहनत की परवाह किए बिना अपनी फसल घर ले जा रहे हैं. मार्केट कमेटी के अधिकारियों से लेकर किसानों को सरकारी खरीद शुरू होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार है. ऑक्शन रिकॉर्डर के मुताबिक, उन्होंने डीसी नूंह को सरकारी खरीद के संबंध में पत्र भी लिखा हुआ है, लेकिन अभी तक आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं.

नूंह अनाज मंडी में चारों तरफ सरसों के ढेर लगे हुए हैं. गेंहू के मंडी पहुंचने में भी अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इंतजामों  को लेकर कोई खास तैयारी नहीं है. मंडी में जगह-जगह बोरियों लगे हुए हैं. नूंह में अन्य जिलों से पहले सरसों फसल का उत्पादन होता है, क्योंकि शुष्क इलाका होने की वजह से राज्य में मेवात सरसों उत्पादन में दूसरा जिला है. महेंद्रगढ़ जिला राज्य में सरसों उत्पादन में सबसे अव्वल बताया जा रहा है.

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First published: March 19, 2018, 5:38 PM IST
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