साहिब हत्याकांड में पुलिस अधिकारियों को नोटिस, 13 दिसंबर को होगी सुनवाई
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साहिब हत्याकांड में पुलिस अधिकारियों को नोटिस, 13 दिसंबर को होगी सुनवाई
साहिब हत्याकांड में पुलिस अधिकारियों को नोटिस, 13 दिसंबर को होगी सुनवाई

नूंह मेवात जिले में बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने हरियाणा राज्य और संबधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है.

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हरियाणा के नूंह मेवात जिले में बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने हरियाणा राज्य और संबधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. संबंधित मामले में अगली सुनवाई आगामी 13 दिसंबर को निश्चित की गई है. नोटिस जारी होने से साहिब हत्याकांड एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया है. जिले के इतिहास का यह पहला ऐसा हत्याकांड है, जिसमें जिले के अधिकतर बड़े नेताओं ने न केवल 14 दिन तक धरना-प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी बल्कि शव को ईद की वजह से 15 दिन बाद दफनाया गया.

वहीं क्षेत्र के लोगों के इतने दिन चले संघर्ष को पुलिस और सरकार ने नजरअंदाज कर दिया. आख़िरकार बाद में इंसाफ के लिए न्यायालय की शरण में जाना पड़ा. मृतक नहेदा थाना पुन्हाना जिला नूंह (मेवात) का रहने वाला है.

मालूम हो कि बीते 7 अगस्त को पटाकपुर में पुलिस द्वारा शब्बीर नामक अपराधी को पकड़ने के दौरान साहिब (मतृक) को गोली लग गई थी. आरोप है कि पुलिस के जवानों की गोली से साहिब की जान गई. मिली जानकारी के मुताबिक शब्बीर (आरोपी) मृतक साहिब का रिश्ते में मामा लगता था.



इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर नंबर 224 और 225 दर्ज की है. दोनों ही एफआईआर पुलिस अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई है. 224 में पुलिस ने आपोरित किया है कि उत्तराखंड की पुलिस शब्बीर को पकड़ने आई थी. पुलिस ने शब्बीर को पकड़ लिया, तो वह खुद को छुड़ाकर खेतों की तरफ भाग गया.
इसके बाद पुलिस शब्बीर का पीछा कर उसे फिर पकड़ लिया, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया. इसके बाद आरोपी एक बार फिर से पुलिस की चंगुल से भाग निकला. पुलिस ने आरोपित किया है कि ग्रामीणों ने पहले उन पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की. इस एफआईआर में गांव के बहुत सारे पुरुष और महिलाओं को नामजद किया गया है. हालांकि इस फायरिंग में किसी भी पुलिसकर्मी को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है.

वहीं एफआईआर नंबर 225 एएसआई बच्चू सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोपित किया गया है कि जब गांव वालों ने उन पर हमला किया, तो वे पटपड गांव की तरफ शब्बीर का पीछा करते हुए जा रहे थे. इस दौरान मदरसे के पास एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला, जिसे गाड़ी में डालकर पुन्हाना अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इधर, मृतक साहिब के पिता ने आरोप लगाया है कि जब साहिब और पुलिस के बीच कहासुनी हुई तो एएसआई बच्चू सिंह ने 10-12 अन्य पुलिस वालों से कहा कि मारो सालों को. इसी दौरान बच्चू सिंह ने साहिब को गोली मार दी.

सोमवार को इस मामले में असद हयात साहब ऐडवोकेट के सानिध्य में एक याचिका जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री ए. के. सिंहल के सामने प्रस्तुत की गई, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि पुलिस नें साहिब हत्याकांड में माननीय सुप्रिम कोर्ट द्वारा पीयूसीएल बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र में जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है.

नूरुद्दीन नूर एडवोकेट ने कहा कि बतौर अधिवक्ता मेरे अनुरोध पर माननीय न्यायालय ने उक्त मामले में राज्य सरकार, डीएम नूंह, एसएसपी नूंह और विवेचना अधिकारी सुश्री संगीता कालिया को नोटिस जारी कर दिया है.

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