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डाक कर्मचारियों की हड़ताल से डाक व्यवस्था चरमराई 

Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: May 31, 2018, 5:01 PM IST
डाक कर्मचारियों की हड़ताल से डाक व्यवस्था चरमराई 
प्रदर्शन करते डाक कर्मचारी

नूंह जिले में डाक व्यवस्था पहले ही स्टाफ की कमी से लचर है. रही-सही कसर हड़ताल ने पूरी कर दी है. लोगों को पिछले दस दिन से चल रही हड़ताल के कारण कार्यालय में डाक पड़ी हुई है.

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ग्रामीण डाक सेवा में लगे डाक कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज दसवें दिन में प्रवेश कर गई है. जैसे-जैसे हड़ताल लम्बी खिंच रही है, वैसे-वैसे डाक कर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच रहा है. डाक कर्मचारियों ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी भड़ास निकाली.

नूंह जिले में डाक व्यवस्था पहले ही स्टाफ की कमी से लचर है. रही-सही कसर हड़ताल ने पूरी कर दी है. लोगों को पिछले दस दिन से चल रही हड़ताल के कारण कार्यालय में डाक पड़ी हुई है. कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं. पुन्हाना, पिनगवां, शाहचोखा डाकखानों का कामकाज पूरी तरह हड़ताल से ठप हो गया है.

सबसे अहम बात यह है कि जिले में आज भी कोरियर की व्यवस्था न के बराबर है. आज भी डाकिया बाबू डाक लाया पर ही करीब 14 लाख की आबादी निर्भर कर रही है. हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनका वेतनमान नहीं बढ़ेगा और अन्य मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

उनका कहना है कि जो वेतन अब मिल रहा है, उससे खर्चा चलाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. पेंशन वितरण से डाक वितरण तक की जिम्मेवारी तो डाक कर्मचारियों पर बड़ी है, लेकिन मेहनताना बेहद कम है. कर्मचारी सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं. सरकार ने ग्रामीण डाक सेवा में लगे कर्मचारियों की हड़ताल को गंभीरता से नहीं लिया तो लोगों का बड़ा नुकसान हो सकता है.

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First published: May 31, 2018, 5:01 PM IST
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