मेवात में Remdesivir, oxygen के साथ वेंटिलेटर के पुख्ता इंतजाम, लेकिन नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में बेड नहीं

 (फाइल फोटो)

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सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र यादव ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के अलावा ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की पूरी सुविधा है. नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में 60 बेड की व्यवस्था है, जो इस समय भरे हुए हैं, लेकिन जल्द ही यहां पर बेडों की संख्या बढ़ाने पर विचार चल रहा है.

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नूह. मेवात ( Mewat ) जिले ऑक्सीजन ( oxygen ) समेत जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया गया है. सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र यादव ने कहा कि रेमडेसिविर ( Remdesivir ) इंजेक्शन के अलावा ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की पूरी सुविधा है. नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में 60 बेड की व्यवस्था है, जो इस समय भरे हुए हैं, लेकिन जल्द ही यहां पर बेडों की संख्या बढ़ाने पर विचार चल रहा है. इसके अलावा अल आफिया सामान्य अस्पताल मांडीखेड़ा में 32 बेड की व्यवस्था है. जिनमें से कुछ भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं. इसके अलावा कोविड केयर सेंटर आईटीआई पिनगवां में जल्दी ही उन कैदियों को शिफ्ट किया जाएगा जो कोरोना पॉजिटिव आए हुए हैं.

डॉ सुरेंद्र यादव ने कहा कि कोरोना से घबराने की नहीं एहतियात बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पहले वेव से इस बार वाला स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक है. लिहाजा लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा मास्क लगाना तथा बार-बार हाथों को साबुन से धोना जरूरी है. सीएमओ ने कहा कि इस बार एक व्यक्ति 10 -12 लोगों को संक्रमित कर सकता है. उन्होंने कहा कि कोरोना कम से कम 9 दिन तक असर डालता है. जिसमें 4 दिन डेंजर जोन में है. जैसे ही पहले दिन तबीयत खराब लगे या गले में खराश हो तो आदमी को तुरंत आइसोलेट हो जाना चाहिए. डॉक्टर से सलाह लेकर दवाइयां देनी चाहिए.

सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र यादव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल कोरोना कंट्रोल करने के लिए संसाधन मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर भ्रांति पाले हुए हैं. उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर जरूरत पडऩे की स्थिति पर ही मरीज को दिया जाना चाहिए. जिन मरीजों को संक्रमित हुए 6 या 7 दिन हो चुके हैं. ऐसे लोगों को इंजेक्शन देने की जरूरत बिल्कुल नहीं है, लेकिन देश भर में इंजेक्शन की डिमांड बड़ी तेजी से बढ़ी है. उन्होंने कहा कि लोगों को डॉक्टरों की सलाह के हिसाब से मरीज को दवाई वगैरह देने का काम करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मरीज को इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है, तो उस मरीज को इंजेक्शन दिया जाएगा. बेवजह किसी को इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा. डॉ सुरेंद्र यादव ने बताया कि जिले के लोग कोरोना नियमों का पालन करते हुए संक्रमण को फैलने से रोकें.  घरों से बाहर किसी जरूरी काम से ही निकले.
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