गोमांस बेचने के आरोपी को मल खिलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने DGP से मांगा जवाब

पीटने के बाद पहले उसे पेशाब पिलाया गया और फिर मल जबरन उसके मुंह में ठूंस दिया गया.

Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: February 4, 2019, 7:42 PM IST
गोमांस बेचने के आरोपी को मल खिलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने DGP से मांगा जवाब
पीड़ित छात्र
Kasim Khan | News18 Haryana
Updated: February 4, 2019, 7:42 PM IST
नूंह के नजदीक एक गांव के मामले में गोमांस और खाल बेचने के आरोपी पॉलटेक्नीकल के छात्र को बाल सुधार गृह में मल खिलाने और धर्म विशेष के नारे लगाने को मजबूर करने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसके साथ ही डीजीपी को इस मामले में खुद जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं.

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका बेटा पॉलटेक्नीकल कॉलेज में पढ़ाई करता है. 29 दिसंबर 2018 को उसका बेटा कॉलेज जाने से पहले याची की नूंह स्थित दुकान पर मौजूद था. दुकान से उसे पुलिस उठा कर ले गई और हरियाणा गौ संवर्धन और गौ संरक्षण एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर गोमांस और खाल बेचने का आरोप लगा दिया. केस को जिला अदालत में लगाया गया जहां से याची के बेटे के नाबालिग होने के चलते उसे जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड भेज दिया गया,



जब बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने याची के बेटे का वारंट देखा तो वह भड़क गए और कहा कि तुम गाय काटते हो. पीड़ित के पिता ने बताया कि वह बेकसूर है. लेकिन बाल सुधार गृह के कर्मचारियों ने उनके बेटे को ऐसे बैरिक में डाल दिया जहां पहले से ही 16-17 लड़के बंद थे. उन लड़कों को कहा कि यह गाय काटता है और इसे ऐसा सबक सिखाओ की कभी न भूले.

इसके बाद उन लड़कों ने याची के बेटे को बुरी तरह से पीटा. पीटने के बाद पहले उसे पेशाब पिलाया गया और फिर मल जबरन उसके मुंह में ठूंस दिया गया. याची ने कहा कि बाल सुधार गृह जैसे स्थान बच्चों की सुरक्षित हिरासत के लिए होते हैं लेकिन हरियाणा में इन स्थानों पर क्रूरता का नजारा आम हो रहा है.

याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि बाल सुधार गृहों में मौजूद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और इस मामले की जांच उच्च स्तरीय एसआईटी से करवाई जाए. हाईकोर्ट ने इस मामले में डीजीपी को खुद जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं.

मेवात जिले के सामजसेवी रमजान चौधरी ने कहा कि जिस प्रकार से किशोर को घिनौनी यातनाये दी है वह बहुत निंदनीय घटना है. उन्होंने कहा बाल सुधार गृह जैसी जगहों पर इस तरह की घटना सामने आ रही है. हमें इससे एतराज है हम खफा हैं. अगर सरकार ने जल्दी ही इस मामले पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई तो मेवात के लोग कोई बड़ा कदम उठा सकते है.

ये भी पढ़ें:-फतेहाबाद में अपहरण कर नाबालिग से रेप, आरोपियों की तलाश जारी

अटकलों पर लगा विराम, हरियाणा में लोकसभा के साथ नहीं होंगे विधानसभा चुनाव
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर

News18 चुनाव टूलबार

चुनाव टूलबार